क्रूरता की हद पार: ट्रक में ठूंस-ठूंस कर ले जाए जा रहे थे 53 मवेशी, एत्मादपुर पुलिस ने 5 तस्करों को दबोचा
एत्मादपुर पुलिस ने निभाया वर्दी का फर्ज- बेज़ुबानों को दिलाया न्याय
एत्मादपुर। (आगरा) एत्मादपुर पुलिस ने पशु क्रूरता और अवैध पशु परिवहन के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। थाना एत्मादपुर पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से मवेशियों को ले जा रहे एक ट्रक को पकड़ा है। पुलिस ने मौके से 5 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो मवेशियों को बेहद क्रूरतापूर्ण तरीके से गाड़ी में लादकर ले जा रहे थे।
दम घुटने से 4 मवेशियों की मौत, बेज़ुबानों पर ढाया सितम
पुलिस के अनुसार जब ट्रक की तलाशी ली गई तो अंदर का नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया। ट्रक के भीतर हवा और पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। मवेशियों को इस तरह ठूंसकर खड़ा किया गया था कि वे हिल भी नहीं पा रहे थे। इस भीषण क्रूरता के कारण ट्रक के अंदर ही 3 भैंस और 1 पड़वे (भैंस का बच्चा) ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने ट्रक से कुल 53 मवेशी बरामद किए, जिनमें 40 भैंस, 2 भैंसा, 3 पड़िया, 4 पड़वा और 4 मृत मवेशी शामिल हैं।
नकद राशि बरामद, आरोपियों का मध्य प्रदेश और राजस्थान से था कनेक्शन
पुलिस ने वाहन चालक के कब्जे से 3 हजार की नकदी बरामद की है। गिरफ्तार किए गए आरोपी अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान भूरा पुत्र अनीम हेमर निवासी धौलपुर राजस्थान (ट्रक ड्राइवर) इब्राहिम कुरैशी पुत्र बब्लू कुरैशी निवासी विदिशा मध्य प्रदेश, जासिर खाना पुत्र राजा मिया निवासी विदिशा मध्य प्रदेश, इमरान खान पुत्र फरमान खान निवासी विदिशा मध्य प्रदेश, नादिम बेग पुत्र हनीफ बेग निवासी धौलपुर राजस्थान के रूप में हुई है।
एत्मादपुर पुलिस ने कठोर धाराओं में किया मुकद्दमा पंजीकृत
पुलिस ने सभी जीवित पशुओं का पशु चिकित्साधिकारी से तुरंत मेडिकल परीक्षण कराया और मृत पशुओं का पोस्टमार्टम कराया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना एत्मादपुर में मुकदमा संख्या 228/2026 के तहत नए कानून की धारा 325 बीएनएस और पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(d)/11(1)(l) के तहत संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया है।
अपराधियों को कड़ा संदेश:- कानून की इस बड़ी चोट ने यह साफ कर दिया है कि आगरा की धरती पर अवैध धंधा और बेजुबान जानवरों पर जुल्म करने वालों की जगह सिर्फ और सिर्फ जेल की सलाखें हैं। पुलिस की इस तत्परता ने खाकी का इकबाल और बुलंद किया है।
कार्यवाही करने वाली टीम