आगरा:इफको द्वारा "खेत बचाओ अभियान" के अंतर्गत केन्द्र प्रभारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन - समाचार RIGHT

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गुरुवार, 11 जून 2026

आगरा:इफको द्वारा "खेत बचाओ अभियान" के अंतर्गत केन्द्र प्रभारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन

आगरा:इफको द्वारा "खेत बचाओ अभियान" के अंतर्गत केन्द्र प्रभारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का हुआ आयोजन

"संतुलित पोषण एवं मृदा स्वास्थ्य संरक्षण पर दिया गया प्रशिक्षण"

आगरा:-इफको द्वारा"खेत बचाओ अभियान" के अंतर्गत आगरा क्षेत्र के बिक्री केन्द्र प्रभारियों, कृषि आदान विक्रेताओं एवं रिटेलर्स के लिए एक दिवसीय केन्द्र प्रभारी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन यूथ हॉस्टल, संजय प्लेस, आगरा में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केन्द्र प्रभारियों को आधुनिक कृषि तकनीकों, संतुलित पोषण प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा इफको के नवीन कृषि उत्पादों के वैज्ञानिक उपयोग के संबंध में प्रशिक्षित एवं जागरूक बनाना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. प्रह्लाद सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम), इफको आगरा द्वारा की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप कृषि निदेशक, मुकेश कुमार, आगरा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला कृषि अधिकारी, विनोद कुमार आगरा  उपस्थित रहे। अपने अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. प्रह्लाद सिंह ने कहा कि "खेत बचाओ अभियान" का उद्देश्य किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक बनाना है। उन्होंने कहा कि इफको द्वारा विकसित नैनो उर्वरक तकनीक कृषि क्षेत्र में एक नई क्रांति का माध्यम बन रही है, जिससे उर्वरकों की उपयोग दक्षता बढ़ने के साथ-साथ उत्पादन लागत में कमी और फसल उत्पादकता में वृद्धि संभव हो रही है। मुख्य अतिथि उप कृषि निदेशक , मुकेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ भूमि की उर्वरा शक्ति एवं मृदा स्वास्थ्य को बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसानों तक वैज्ञानिक कृषि तकनीकों एवं संतुलित पोषण प्रबंधन की जानकारी पहुंचाने में केन्द्र प्रभारियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि जिला कृषि अधिकारी, विनोद कुमार ने मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण, फसल पोषण प्रबंधन तथा जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि वैज्ञानिक खेती एवं आधुनिक तकनीकों को अपनाकर ही कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाया जा सकता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान इफको के नरेंद्र कुमार सागर, उप प्रबंधक, इफको आगरा अधिकारियों एवं कृषि विशेषज्ञों द्वारा नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक, नैनो कॉपर, नैनो एनपीके, सागरिका एवं धरामृत सहित इफको के विभिन्न उन्नत कृषि उत्पादों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि नैनो यूरिया प्लस फसलों को नाइट्रोजन की प्रभावी उपलब्धता सुनिश्चित कर उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ाता है तथा पारंपरिक यूरिया पर निर्भरता कम करने में सहायक है। नैनो डीएपी फास्फोरस एवं नाइट्रोजन की बेहतर उपलब्धता प्रदान कर पौधों की प्रारंभिक वृद्धि एवं जड़ विकास को प्रोत्साहित करता है।नैनो जिंक फसलों में जिंक की कमी को दूर कर बेहतर वृद्धि, दाना भराव एवं गुणवत्ता सुधार में सहायक है, जबकि नैनो कॉपर पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने एवं आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नैनो एनपीके फसलों को संतुलित मात्रा में नाइट्रोजन, फास्फोरस एवं पोटाश उपलब्ध कराकर अधिक उत्पादन एवं गुणवत्तापूर्ण उपज सुनिश्चित करता है। विशेषज्ञों ने बताया कि सागरिका, जो समुद्री शैवाल आधारित जैविक उत्पाद है, पौधों की वृद्धि, जड़ विकास, पुष्पन एवं फलन को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रतिकूल परिस्थितियों में फसल की सहनशीलता को बढ़ाता है। वहीं धरामृत मिट्टी में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बढ़ाकर मृदा की जैविक उर्वरता, पोषक तत्वों की उपलब्धता तथा दीर्घकालीन उत्पादकता को सुदृढ़ बनाने में सहायक है। कार्यक्रम में केन्द्र प्रभारियों को इन उत्पादों की तकनीकी विशेषताओं, उपयोग की सही विधि, अनुशंसित मात्रा तथा विभिन्न फसलों में इनके प्रभावी प्रयोग के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। साथ ही किसानों को वैज्ञानिक सलाह देने, मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने तथा संतुलित पोषण प्रबंधन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि नैनो तकनीक आधारित उर्वरकों एवं जैविक उत्पादों का संतुलित उपयोग न केवल उत्पादन बढ़ाने में सहायक है, बल्कि मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, पर्यावरणीय संतुलन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि "खेत बचाओ अभियान" के माध्यम से इफको किसानों को टिकाऊ कृषि एवं उन्नत खेती की दिशा में प्रेरित कर रहा है। कार्यक्रम में आगरा क्षेत्र के विभिन्न बिक्री केन्द्रों के प्रभारी, कृषि आदान विक्रेता एवं इफको प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों एवं इफको के उन्नत उत्पादों की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाने में सहायता मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में नरेंद्र कुमार सागर, उप प्रबंधक, इफको आगरा ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इफको किसानों की समृद्धि, मृदा संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा तथा "खेत बचाओ अभियान" के अंतर्गत भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। 
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