जनपद आगरा की ग्राम पंचायतों में ई-ज्ञानालय पहल बनी ग्रामीण शिक्षा में क्रांति का आधार
आगरा:- जनपद आगरा में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित किए जा रहे ई-ज्ञानालय (ई-लाइब्रेरी) ग्रामीण युवाओं और विद्यार्थियों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की इस अभिनव पहल के अंतर्गत जनपद की 110 ग्राम पंचायतों में आधुनिक पुस्तकालय सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें 106 नवीन ई-ज्ञानालयों की स्थापना की गई है।
इन ई-ज्ञानालयों में हाई-स्पीड इंटरनेट, आधुनिक कंप्यूटर प्रणाली, डिजिटल ई-बुक्स, ऑडियो-विजुअल अध्ययन सामग्री, वीडियो लेक्चर, इंटरैक्टिव क्विज़ तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु हार्ड कॉपी पुस्तकों सहित 1000 से अधिक शिक्षण संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
ई-ज्ञानालयों के संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी निर्धारित की गई है। ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में पुस्तकालय प्रबंधन समिति का गठन किया गया है तथा पंचायत सहायक को दैनिक संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुस्तकालय प्रतिदिन न्यूनतम 8 घंटे संचालित होंगे तथा ग्रामीणों के लिए निःशुल्क पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।
इन ई-ज्ञानालयों का सकारात्मक प्रभाव ग्रामीण क्षेत्रों में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। विद्यार्थी और युवा अब UPSC, SSC, बैंकिंग सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन संसाधनों का उपयोग कर रहे हैं। कई छात्र-छात्राओं ने बताया कि ई-ज्ञानालय की शांत एवं प्रेरणादायक अध्ययन व्यवस्था ने उन्हें पुनः शिक्षा से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया है।
विशेष रूप से ग्राम पंचायत बरीगवां खुर्द का ई-ज्ञानालय ग्रामीण छात्रों के लिए एक आदर्श अध्ययन केंद्र बनकर उभरा है। यहां 30 सीटों वाला अध्ययन कक्ष, इन्वर्टर, आर.ओ. पेयजल सुविधा तथा हाई-स्पीड वाई-फाई उपलब्ध कराया गया है। साथ ही 1500 से अधिक पुस्तकों का संग्रह विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री प्रदान कर रहा है।