अधिवक्ताओं की हड़ताल को सपा का समर्थन, शब्बीर अब्बास बोले— निजीकरण से लाखों परिवारों की आजीविका पर संकट
आगरा। तहसील परिसर में निजीकरण के विरोध में अधिवक्तागढ़ दस्तावेज संघर्ष समिति द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन को शनिवार को समाजवादी पार्टी महानगर आगरा ने समर्थन दिया। सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास के नेतृत्व में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल तहसील पहुंचा और अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों तथा स्टांप वेंडरों से मुलाकात कर उनके संघर्ष के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
इस अवसर पर शब्बीर अब्बास ने कहा कि देश और प्रदेश में पहले से ही बेरोजगारी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। लाखों युवा रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों की तलाश में भटक रहे हैं। ऐसे समय में तहसीलों में कार्यरत अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप वेंडरों के कार्यों का निजीकरण करना उनके रोजगार और भविष्य पर सीधा प्रहार है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की तहसीलों में हजारों लोग इन व्यवसायों से जुड़े हुए हैं, जिन पर लाखों परिवारों की आजीविका निर्भर है। यदि निजीकरण की नीति लागू होती है तो इन परिवारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
सपा महानगर अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों, नौजवानों, व्यापारियों और कर्मचारियों के बाद अब अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों एवं स्टांप वेंडरों के सामने भी आजीविका का संकट उत्पन्न किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर अधिवक्ता समाज के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी।
प्रतिनिधिमंडल में ममता टपलू, कादिर कुरैशी, नितिन वर्मा, जमील खान, अय्यूब खान, हर्ष धाकड़, गिरीश चंद गोयल, प्रमोद यादव, ओम पंडित, मुन्ना अल्वी, इमरान अब्बास, जफर कुरैशी, जमील सिद्दीकी, मुजाहिद कुरैशी, आदिल चौधरी, फाईम उस्मानी, इदरीस मेव, रजा अहमद, अफसर, जैद कुरैशी, जाहिद कुरैशी सहित बड़ी संख्या में समाजवादी कार्यकर्ता एवं अधिवक्तागढ़ दस्तावेज संघर्ष समिति के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
तहसील परिसर में हुई इस मुलाकात के दौरान आंदोलनरत अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों और समस्याओं को प्रतिनिधिमंडल के समक्ष रखा। समाजवादी पार्टी नेताओं ने आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचाने और न्याय दिलाने के लिए पार्टी हरसंभव प्रयास करेगी।