संजय प्लेस मारपीट प्रकरण ने पकड़ा तूल, व्यापारियों और वाल्मीकि समाज आमने-सामने
आगरा। शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र संजय प्लेस में दो दिन पहले हुई मारपीट की घटना अब तूल पकड़ती जा रही है। मामले को लेकर एक ओर कंप्यूटर मार्केट के व्यापारियों ने पुलिस चौकी का घेराव कर कार्रवाई की मांग की है, वहीं दूसरी ओर वाल्मीकि समाज ने भी व्यापारियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
जानकारी के अनुसार संजय प्लेस चौकी के पीछे स्थित आकाशदीप होटल के दो कर्मचारी कंप्यूटर मार्केट क्षेत्र में शौचालय उपयोग करने पहुंचे थे। इसी बात को लेकर होटल कर्मचारियों और कंप्यूटर मार्केट के कुछ लोगों के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में मारपीट में बदल गई।
व्यापारियों ने पुलिस पर लगाया एकतरफा कार्रवाई का आरोप
कंप्यूटर मार्केट के व्यापारियों का आरोप है कि विवाद के बाद होटल कर्मचारियों ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया और मार्केट में पहुंचकर तोड़फोड़ तथा मारपीट की। व्यापारियों के अनुसार मार्केट में कार्यरत राहुल नामक युवक के साथ गंभीर मारपीट की गई, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई।
व्यापारियों का कहना है कि पुलिस ने मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की और केवल होटल कर्मचारियों की शिकायत पर कार्रवाई की गई, जबकि व्यापारियों और घायल युवक की शिकायतों को नजरअंदाज किया गया। इसी के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में व्यापारी संजय प्लेस पुलिस चौकी पहुंचे और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए।
वाल्मीकि समाज ने भी जताया रोष
वहीं दूसरी ओर वाल्मीकि समाज ने भी इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। वाटर वर्क्स स्थित आस्था सिटी सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में तख्त चौधरी गौरव वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि 13 जून की शाम को सन कंप्यूटर और भूमि कंप्यूटर पर कार्यरत राहुल व रूपेश कौशिक ने अपने 15-20 साथियों के साथ वाल्मीकि समाज के सफाई कर्मचारी राहुल के साथ मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया।
उन्होंने कहा कि घटना की शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय घायल राहुल को ही शांति भंग की धारा 151 के तहत बंद कर दिया गया, जबकि वह गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती है।
कार्रवाई नहीं हुई तो सफाई कार्य बंद करने की चेतावनी
वाल्मीकि महापंचायत ने चेतावनी दी है कि 16 जून को दोपहर 12 बजे एक प्रतिनिधिमंडल अपर पुलिस आयुक्त से मिलकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करेगा। यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो समाज की पंचायत बुलाकर शहर में सफाई कार्य बंद करने जैसे बड़े आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना को लेकर दोनों पक्षों में तनाव का माहौल है और प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। निष्पक्ष जांच और संतुलित कार्रवाई ही इस विवाद को शांत करने में अहम भूमिका निभाएगी।