10 प्वाइंट टूल किट से बच्चों की क्षमता में होगा संवर्धन
आगरा:-जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान आगरा में 29 जून से 03 जुलाई तक संचालित पांच दिवसीय फाउंडेशनल लिटरेसी एवं न्यूमैरेसी प्रशिक्षण का आज समापन हो गया पांच दिवसीय प्रशिक्षण में संदर्भदाता डॉ अनुराग शर्मा, हेमलता यादव, प्रीति पाराशर तथा कल्पना छोकर द्वारा कक्षा एक से चार तक की संदर्शिकाओं तथा उपचारात्मक शिक्षण के साथ संदर्शिकाओं में दी गई साप्ताहिक गतिविधियों को समूह चर्चा एवं प्रयोग प्रदर्शन के माध्यम से सदन के समक्ष प्रस्तुत किया गया फाउंडेशन लिटरेसी एवं न्यूमैरेसी प्रशिक्षण में मुख्य रूप से भाषा एवं गणित शिक्षण पर आधारित साप्ताहिक चक्र, मासिक कार्य योजना, वार्षिक कार्य योजना, कैचअप प्लान में पुनरावृत्ति शिक्षण अभियान,प्रतिदिन 20-30 मिनट का नियमित कैच-अप शिक्षण,पूर्वज्ञान एवं अनुभवों से जोड़कर शिक्षण,टी.एल.एम., प्रिंट-रिच सामग्री एवं शिक्षक डायरी का प्रभावी उपयोग, सरल से जटिल रणनीति अपनाना,त्रुटि विश्लेषण एवं रचनात्मक प्रतिपुष्टि गतिविधि आधारित एवं खेल आधारित शिक्षण,विद्यार्थी को कमजोर महसूस न होने देना, संकुल बैठकों का प्रभावी उपयोग, बेसलाइन एवं एंडलाइन आकलन का प्रभावी उपयोग आदि को विस्तार से स्पष्ट किया गया। प्रशिक्षण के पंचम दिन विभिन्न विकास क्षेत्रों के 37 प्रतिभागियों द्वारा उनको प्रदत्त कार्यों का प्रस्तुतीकरण भी किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए प्राचार्य डायट आगरा अनिरुद्ध यादव ने प्रशिक्षण को पूर्ण मनोयोग से विकास खण्ड स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु प्रेरित किया साथ ही उन्होंने कहा कि 10 प्वाइंट टूल किट से बच्चों की क्षमता में होगा संवर्धन होगा इसलिए हम सभी को इस पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने कहा कि आप सभी की जिम्मेदारी ब्लॉक स्तरीय प्रशिक्षण को प्रभावी रूप से संचालित करना है । जिससे प्राथमिक स्तर पर अध्यापन करने वाले समस्त शिक्षकों को यह प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके और इसका बेहतर क्रियान्वयन हो और जनपद निपुण जनपद बन सके। इस अवसर पर नोडल प्रभारी प्रवक्ता धर्मेंद्र प्रसाद गौतम एसआरजी मीना पुष्कर का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में प्रवक्ता कल्पना सिन्हा, यशवीर सिंह, प्रज्ञा शर्मा, रंजना पांडे, पुष्पेंद्र सिंह, अबु मुहम्मद आसिफ, रचना यादव आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन नोडल प्रभारी धर्मेन्द्र प्रसाद गौतम ने किया।