ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को लेकर डीएम मनीष बंसल सख्त, 15 दिन में सभी बल्क वेस्ट जनरेटरों की सूची तैयार करने के निर्देश - समाचार RIGHT

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बुधवार, 8 जुलाई 2026

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को लेकर डीएम मनीष बंसल सख्त, 15 दिन में सभी बल्क वेस्ट जनरेटरों की सूची तैयार करने के निर्देश

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को लेकर डीएम मनीष बंसल सख्त, 15 दिन में सभी बल्क वेस्ट जनरेटरों की सूची तैयार करने के निर्देश

आगरा। नगर निगम स्थित स्मार्ट सिटी सभागार में जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 पर कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप आयोजित की गई। बैठक में नए नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन, ठोस कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, निगरानी व्यवस्था और बल्क वेस्ट जनरेटरों की पहचान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केवल नगर निकायों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि सभी विभागों, सेवा प्रदाताओं और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अगले 15 दिनों के भीतर एडीए, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, होटल, उद्योग, मंडी, जिला पंचायत राज विभाग सहित सभी संबंधित विभाग बल्क वेस्ट जनरेटर (BWG) की सूची तैयार कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। सभी संस्थानों को नए नियमों की जानकारी देने और पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए।

वर्कशॉप में बताया गया कि नए नियमों के तहत अब ग्रामीण क्षेत्रों के बल्क वेस्ट जनरेटर भी शामिल किए गए हैं। ऐसे संस्थान जिनका क्षेत्रफल 20 हजार वर्ग मीटर या उससे अधिक, प्रतिदिन जल खपत 40 हजार लीटर या उससे अधिक अथवा ठोस अपशिष्ट उत्पादन 100 किलोग्राम या उससे अधिक प्रतिदिन है, उन्हें बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में रखा गया है।

बैठक में बताया गया कि आगरा में अब तक करीब 20 लाख मीट्रिक टन डंपिंग वेस्ट का निस्तारण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शेष डंपिंग स्थलों को चिन्हित कर जल्द से जल्द उनका निस्तारण कराया जाए तथा इसकी साप्ताहिक और मासिक रिपोर्ट शासन को भेजी जाए।

पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026, सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की नई व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमों के तहत कचरे का स्रोत स्तर पर चार श्रेणियों में पृथक्करण अनिवार्य किया गया है, जिसमें गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी वेस्ट और स्पेशल केयर वेस्ट शामिल हैं।

बैठक में बताया गया कि बल्क वेस्ट जनरेटरों को अपने परिसर में ही गीले कचरे का कंपोस्टिंग, बायो-मीथेनेशन या अन्य स्वीकृत तकनीकों से निस्तारण करना होगा। शेष कचरे को अधिकृत एजेंसी को उपलब्ध कराना होगा। पोर्टल पर पंजीकरण और वार्षिक रिटर्न जमा करना भी अनिवार्य होगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि कचरे के सही निस्तारण के लिए नागरिकों की भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने स्रोत स्तर पर गीले और सूखे कचरे के पृथक्करण के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं को निर्देशित किया कि वे अपने क्षेत्रों में अवैध कूड़ा डालने वाले स्थानों और डंपिंग स्थलों को चिन्हित कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। बिना स्थलीय निरीक्षण के किसी भी कार्य को संतोषजनक नहीं माना जाएगा।

वर्कशॉप में यह भी बताया गया कि नए नियमों में उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। पंजीकरण के बिना संचालन, गलत जानकारी देने या अनुचित कचरा प्रबंधन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में नगरायुक्त संतोष कुमार वैश्य, पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अमित मिश्रा सहित नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं सेवा प्रदाता संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


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