आगरा पुलिस ने लौटाई 230 परिवारों की मुस्कान, 57.50 लाख रुपये के गुम मोबाइल मालिकों को किए सुपुर्द
आगरा। मोबाइल फोन गुम होने के बाद उसके वापस मिलने की उम्मीद अक्सर बेहद कम रह जाती है, लेकिन कमिश्नरेट आगरा पुलिस ने इस धारणा को बदल दिया है। आधुनिक तकनीक और त्वरित पुलिस कार्रवाई की बदौलत पिछले दो महीनों में 230 गुमशुदा एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब ₹57.50 लाख है।
शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सिटी सैय्यद अली अब्बास ने मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। कई लोगों ने कहा कि उन्हें बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि उनका मोबाइल दोबारा मिल सकेगा।
डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि पिछले दो महीनों के दौरान आगरा सिटी जोन में बड़ी संख्या में मोबाइल गुम होने की शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विशेष अभियान चलाया गया। मोबाइल ट्रेसिंग के लिए केंद्र सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और सीसीटीएनएस (CCTNS) सेल की सहायता ली गई।
आधुनिक डिजिटल तकनीक और IMEI आधारित ट्रैकिंग सिस्टम की मदद से मोबाइल फोन की लोकेशन का पता लगाया गया। इसके बाद नगर जोन के विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने लगातार अभियान चलाकर 230 मोबाइल फोन बरामद किए। आवश्यक सत्यापन के बाद सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पहले मोबाइल गुम होने के मामलों में रिकवरी की संभावना काफी कम रहती थी, लेकिन अब डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम, IMEI आधारित मॉनिटरिंग और CEIR पोर्टल के प्रभावी उपयोग से गुम मोबाइल बरामद करने में उल्लेखनीय सफलता मिल रही है।
आगरा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनका मोबाइल फोन गुम हो जाए तो घबराने के बजाय तत्काल नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर मोबाइल की जानकारी दर्ज करें। समय पर शिकायत दर्ज कराने से मोबाइल को ब्लॉक करने, उसकी ट्रैकिंग शुरू करने और बरामद होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
आगरा पुलिस का यह अभियान आधुनिक तकनीक और प्रभावी पुलिसिंग का सफल उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसने 230 लोगों को उनकी खोई हुई संपत्ति वापस दिलाकर पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है।