आगरा: सुभाष बाजार हादसे के बाद नगर निगम सख्त, नाले पर बनी 42 दुकानों को नोटिस जारी
आगरा। सुभाष बाजार में नाले पर बनी दो मंजिला कपड़े की दुकान ढहने और महिला सिपाही की मां की दर्दनाक मौत के बाद नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सर्वे के बाद नाले के सहारे बनी 42 दुकानों को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर संपत्ति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब नहीं मिलने पर इन दुकानों को अवैध निर्माण मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि 8 जुलाई को सुभाष बाजार में नाले पर बनी दो मंजिला कपड़े की दुकान अचानक भरभराकर 20 फीट गहरे नाले में समा गई थी। हादसे में चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन महिला सिपाही की मां लापता हो गई थीं। लगातार छह दिन तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद उनका शव घटनास्थल से करीब एक किलोमीटर दूर एक पुलिया के अंदर मिला था।
सर्वे के बाद 42 दुकानों की पहचान
हादसे के बाद नगर निगम ने पूरे सुभाष बाजार का सर्वे कराया। जांच में सामने आया कि बाजार की कई पुरानी कपड़ा दुकानें वर्षों पुराने मंटोला नाले के सहारे बनी हुई हैं। सर्वे के दौरान ऐसी 42 दुकानों को चिन्हित किया गया, जिन्हें अब नोटिस जारी किया गया है।
नगर निगम के अनुसार, जिस स्थान पर हादसा हुआ वहां कुल नौ दुकानें हैं, जिन्हें वर्षों पहले नगर निगम ने बनाकर लीज पर आवंटित किया था। हालांकि समय पर रखरखाव नहीं होने के कारण उनकी स्थिति जर्जर हो गई थी। बताया जा रहा है कि दुकानदारों ने हादसे से करीब एक माह पहले भी दुकानों की मरम्मत कराने के लिए नगर निगम को ज्ञापन सौंपा था।
तीन दिन में देना होगा जवाब
नगर निगम की टीम ने संबंधित दुकानों पर नोटिस चस्पा करते हुए कहा है कि मंटोला नाला लगभग 60 से 70 वर्ष पुराना है और अब काफी जर्जर हो चुका है। नोटिस में दुकानदारों से तीन दिन के भीतर संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और अपना पक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर नाले के सहारे बने निर्माणों को अवैध कब्जा मानते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सुभाष बाजार हादसे के बाद नगर निगम अब शहर के पुराने नालों के ऊपर या किनारे बने जर्जर निर्माणों का भी सर्वे कर रहा है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।