जंतर-मंतर जाने से पहले आगरा में रोके गए सपा नेता, दयालबाग में सरकार के खिलाफ किया जोरदार विरोध प्रदर्शन
आगरा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को शनिवार सुबह आगरा पुलिस ने दयालबाग क्षेत्र में रोक दिया। इसके बाद सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस द्वारा रोके जाने और हिरासत में लिए जाने को लेकर सपा नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मधुकर अरोड़ा के नेतृत्व में पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जंतर-मंतर के लिए रवाना होने वाले थे। सुबह से ही दयालबाग स्थित उनके आवास पर सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हो गए थे। सपा नेताओं के अनुसार, प्रदर्शन का उद्देश्य छात्रों की आवाज़ बुलंद करना और उन लोगों तक भोजन पहुंचाना था, जो विभिन्न सेवाओं के बंद होने के कारण भोजन से वंचित हो रहे हैं। इसके लिए आगरा से लगभग 2,000 भोजन पैकेट भी तैयार कराए गए थे। इस कार्यक्रम में पूर्व कैबिनेट मंत्री दयाराम प्रजापति भी शामिल थे।
सपा नेताओं का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने उन्हें आवास से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी। जब कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से जंतर-मंतर के लिए रवाना होने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोकते हुए हिरासत में ले लिया। इसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने दयालबाग में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की।
समाजवादी पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। विपक्ष की आवाज़ को इस प्रकार दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है और इससे जनता की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
इस दौरान मधुकर अरोड़ा, पूर्व कैबिनेट मंत्री दयाराम प्रजापति, महानगर अध्यक्ष लोहिया वाहिनी रितिक प्रजापति, सन्नी चावड़ा, भरत सिंह, विजेंद्र प्रजापति, विजय ठाकुर (महानगर उपाध्यक्ष), गगन जॉली, आसिफ अल्वी, निखिल निगम, जुनैद अली, अतुल सवेता, यशपाल यादव, शंकी सरोतिया, सुमित यादव, नदीम नसीम (प्रदेश सचिव, अल्पसंख्यक सभा), अमित सोलंकी, अज्जू भाई, सौरव यादव, शिज़ान हुसैन सहित समाजवादी पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।