आगरा कलेक्ट्रेट जाने से पहले ही पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं को घरों पर रोका, कई नेताओं को हिरासत में लिया
आगरा। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को शांतिपूर्ण ढंग से "संविधान बचाओ पैदल मार्च" निकालने का ऐलान किया था। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कथित असंवैधानिक व्यवहार के विरोध में कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च कर ज्ञापन सौंपने जा रहे थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस प्रशासन ने कई कार्यकर्ताओं को उनके घरों पर रोक दिया और हिरासत में ले लिया।
सपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उनका कहना है कि जब वे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और संविधान की रक्षा के समर्थन में मार्च निकालने की तैयारी कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें घरों से बाहर निकलने से रोकते हुए हिरासत में ले लिया। इससे कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी गई।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जनता की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर आधारित होती है। यदि लोगों को अपनी बात रखने से रोका जाएगा तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत होगा। उन्होंने कहा कि उनकी आवाज़ को अस्थायी रूप से दबाया जा सकता है, लेकिन संविधान, शिक्षा, लोकतंत्र और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष रुकने वाला नहीं है।
सपा कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि वे आगे भी पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे तथा संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
इस दौरान हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं में रितिक प्रजापति, निखिल निगम, अतुल सविता, आशिफ अल्वी, जुनैद अली, सुमित यादव, बबलू अब्बास, कामिल कैफ, सुहान हुसैन, अयूब अल्वी, रोनी अली, शिज़ान खान तथा सचिन ठाकुर सहित अन्य समाजवादी कार्यकर्ता शामिल रहे।