आंवलखेड़ा CHC की बदहाल व्यवस्था पर उठे सवाल: डॉक्टर नदारद, गंदगी से बेहाल अस्पताल, मरीज परेशान
आगरा। प्रदेश सरकार जहां बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छ अस्पतालों का दावा करती है, वहीं आगरा के आंवलखेड़ा स्थित माँ भगवती देवी राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) की स्थिति इन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति, एक्स-रे जैसी मूलभूत सेवाओं का प्रभावित होना और शौचालयों की खराब हालत से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि 6 जुलाई 2026 को भी अस्पताल की बदहाली और शौचालयों की गंदगी को लेकर समाचार प्रकाशित हुए थे। इसके बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ। उनका कहना है कि आज भी अस्पताल परिसर में गंदगी बनी हुई है और कई बार मरीजों को डॉक्टर उपलब्ध नहीं मिलते।
स्थानीय लोगों के अनुसार, अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक कक्ष सहित कई कमरों पर ताले लगे मिले। वहीं एक्स-रे सेवा भी पिछले कई दिनों से प्रभावित बताई जा रही है। मरीजों का आरोप है कि उन्हें डॉक्टरों के शिविर में होने या अन्य कारण बताकर लौटाया जा रहा है, जिससे उन्हें निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है।
एक मरीज ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल में इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले गरीब लोगों को निराश होकर निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ता है, जो उनके लिए आर्थिक रूप से बेहद कठिन है।
अस्पताल के शौचालयों की स्थिति को लेकर भी गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई शौचालय जाम हैं, सफाई का अभाव है और पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं है। उनका आरोप है कि ऐसी स्थिति संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ा सकती है तथा महिला मरीजों और प्रसूताओं को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
क्षेत्रीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने वाले कर्मचारियों एवं अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए और अस्पताल में तत्काल सफाई, पेयजल तथा नियमित चिकित्सकीय सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।