आगरा के 2.13 लाख से अधिक घरों तक पहुंच रहा गंगाजल, पानी की गुणवत्ता और सप्लाई पर डीएम ने की सख्त समीक्षा
आगरा। शहर में गंगाजल की आपूर्ति, पेयजल की गुणवत्ता और जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में उत्तर प्रदेश जल (नगरीय) और जलकल विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में डीएम ने शहर में गंगाजल की आपूर्ति, पेयजल की गुणवत्ता, प्रगतिमान परियोजनाओं और सीवरेज व्यवस्था की वास्तविक स्थिति की जानकारी लेते हुए समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि अमृत योजना के तहत संचालित आगरा गंगाजल परियोजना के माध्यम से बुलंदशहर के पालड़ा झाल से लगभग 130 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए शहर को गंगाजल की आपूर्ति की जा रही है। गंगाजल के भंडारण के लिए सिकंदरा और जीवनी मंडी में वाटर वर्क्स स्थापित हैं, जबकि पोइया में 55 एमएलडी क्षमता का नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट निर्माणाधीन है।
बैठक में डीएम ने शहर के 2.13 लाख से अधिक वाटर हाउस कनेक्शन, डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक, पेयजल की गुणवत्ता जांच, शहर की कुल जल मांग और उसकी तुलना में उपलब्ध आपूर्ति सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने यह भी पूछा कि शहर के कितने घरों तक गंगाजल पहुंच रहा है और कहीं आपूर्ति में कोई बाधा तो नहीं है।
ट्रांस यमुना परियोजना की प्रगति की समीक्षा
जिलाधिकारी ने आगरा वाटर सप्लाई री-ऑर्गनाइजेशन स्कीम (ट्रांस यमुना जोन) की प्रगति की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना 1 अगस्त 2025 से शुरू हुई है और 31 जुलाई 2027 तक पूर्ण की जानी है। वर्तमान में प्रस्तावित 11 ओवरहेड टैंकों का लगभग 35 प्रतिशत, 4 सीडब्ल्यूआर का 10 प्रतिशत, हाउस कनेक्शन का 65 प्रतिशत तथा डिस्ट्रीब्यूशन लाइन का 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
इस पर डीएम ने सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही भूमि संबंधी अथवा अन्य बाधाओं को तत्काल चिह्नित कर एडीएम नमामि गंगे के समक्ष प्रस्तुत करने और उनका शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
पानी की गुणवत्ता पर नहीं होगी कोई लापरवाही
जिलाधिकारी ने जलकल विभाग को निर्देश दिए कि पेयजल की नियमित गुणवत्ता जांच की जाए और प्रत्येक क्षेत्र में मानकों के अनुरूप स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। जिन क्षेत्रों और कॉलोनियों में नियमित जलापूर्ति नहीं हो रही है, उन्हें चिन्हित कर तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।
सीवरेज और एसटीपी कार्यों में तेजी के निर्देश
बैठक में शहर की सीवरेज व्यवस्था, निर्माणाधीन एवं संचालित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) तथा यमुना नदी में गिरने वाले 40 नालों की टैपिंग की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि सभी 40 नालों की टैपिंग का कार्य प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन एसटीपी परियोजनाओं को समय सीमा में पूरा करने और पूर्ण हो चुके एसटीपी को उनकी स्वीकृत क्षमता के अनुसार संचालित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) जुहैर बेग, अधिशासी अभियंता एहतशामुद्दीन, महाप्रबंधक जलकल तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।