फतेहाबाद थाने के दरोगा पर 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप, ऑडियो वायरल; कार्रवाई पर उठे सवाल
आगरा। फतेहाबाद थाने में तैनात एक दरोगा पर छात्र से मुकदमा दर्ज न करने और मामले में मदद करने के नाम पर 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। दरोगा और छात्र के बीच कथित बातचीत का करीब 2 मिनट 49 सेकंड का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ऑडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वायरल ऑडियो में कथित तौर पर दरोगा छात्र से मुकदमे में मदद करने की बात कहते हुए रकम की मांग करता सुनाई दे रहा है। बातचीत में छात्र द्वारा रकम को लेकर सवाल किया जाता है कि यह पैसे अकेले के लिए हैं या सभी लोगों के नाम मुकदमे से निकालने के लिए। इस पर कथित दरोगा जवाब देता है कि उसने सभी का ठेका नहीं ले रखा है।
छात्र बातचीत के दौरान यह भी कहता सुनाई दे रहा है कि उसके साथ दो अन्य लोग भी थे और वह उनसे भी बात कर लेगा। इस पर कथित दरोगा उसे उनसे बात करने के लिए कहता है और जल्द जवाब देने की बात करता है। ऑडियो में मुकदमा दर्ज होने और एफआईआर की कॉपी भेजने की बात का भी जिक्र बताया जा रहा है।
बातचीत में छात्र अपनी सफाई देते हुए कहता है कि उसे ही गोली लगी है और इसके बावजूद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की बात कही जा रही है। छात्र यह भी कहता सुनाई दे रहा है कि उसने ही 112 पर फोन किया था और वह पढ़ने वाला छात्र है, उसकी जिंदगी खराब हो जाएगी। छात्र कथित दरोगा से यह भी कहता है कि वह जैसा कहेंगे, वैसा करने के लिए तैयार है।
बताया जा रहा है कि छात्र ने बातचीत को दूसरे मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया था। अब यही रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों के सामने भी मामला पहुंच गया है।
जांच के बाद साफ होगी ऑडियो की सच्चाई
हालांकि वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और यह भी जांच का विषय है कि रिकॉर्डिंग में आवाज किस पुलिसकर्मी की है तथा बातचीत किस पूरे घटनाक्रम के संदर्भ में हुई। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
ऑडियो वायरल होने के बाद सबसे बड़ा सवाल पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई को लेकर उठ रहा है। यदि जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होती है तो क्या आरोपी दरोगा के खिलाफ केवल विभागीय कार्रवाई की जाएगी या भ्रष्टाचार से संबंधित धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा, इस पर सभी की नजर है।
आगरा में इससे पहले भी पुलिसकर्मियों पर रिश्वत मांगने और लेने के आरोप सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में कार्रवाई को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। अब फतेहाबाद थाने के इस कथित रिश्वत प्रकरण में पुलिस अधिकारियों की जांच और कार्रवाई पर लोगों की नजर बनी हुई है।