आगरा में चीनी के दामों ने तोड़ी मिठास, 70 रुपये किलो तक पहुंचा भाव; पेठा भी 30 रुपये किलो महंगा
आगरा। त्योहारों से पहले महंगाई ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। सबसे ज्यादा असर चीनी की कीमतों में अचानक आए उछाल से दिखाई दे रहा है। आगरा में चीनी के दाम महज कुछ ही हफ्तों में तेजी से बढ़े हैं। थोक बाजार में चीनी का भाव करीब 64.50 रुपये प्रति किलो, जबकि फुटकर बाजार में यह 65 से 67 रुपये और कुछ स्थानों पर 70 रुपये किलो तक बिक रही है।
बताया जा रहा है कि करीब तीन सप्ताह पहले चीनी का भाव लगभग 46 रुपये किलो था। इसके बाद कीमतों में लगातार बढ़ोतरी होती गई। कारोबारियों के मुताबिक पिछले कुछ दिनों से लगभग हर दूसरे दिन भाव में इजाफा देखने को मिला है। अचानक बढ़े दामों ने व्यापारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को भी हैरान कर दिया है।
पेठा उद्योग पर भी पड़ा चीनी की महंगाई का असर
आगरा की पहचान माने जाने वाले पेठा उद्योग पर भी चीनी की बढ़ती कीमतों का सीधा असर पड़ा है। पेठा कारोबारियों के अनुसार विभिन्न किस्मों के पेठे के दाम में करीब 20 से 30 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है।
आगरा से बड़ी मात्रा में पेठा दूसरे जिलों और राज्यों में भेजा जाता है। ऐसे में उत्पादन लागत बढ़ने से कारोबारियों के सामने भी चुनौती खड़ी हो गई है। पेठे के अलावा बताशे, इलायची दाने और खांड जैसे उत्पादों के दाम भी बढ़ने की बात सामने आ रही है।
कारोबारियों ने सरकारी हस्तक्षेप की मांग उठाई
चीनी के दामों में लगातार बढ़ोतरी से बाजार में हलचल है। कारोबारियों का कहना है कि इतनी तेजी से कीमतों में बढ़ोतरी सामान्य बाजार परिस्थितियों के लिहाज से चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से बाजार की निगरानी बढ़ाने और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
सीएम योगी का सख्त रुख, जमाखोरी पर कार्रवाई के निर्देश
चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को चीनी की उपलब्धता और कीमतों की समीक्षा की। उन्होंने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि राज्य में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है और आमजन को परेशान होने की जरूरत नहीं है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को गोदामों का सत्यापन कराने और बाजार में चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
समीक्षा बैठक में बताया गया कि प्रदेश की चीनी मिलों में कुल 179.38 लाख कुंतल चीनी उपलब्ध है। इसमें सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख कुंतल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख कुंतल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख कुंतल चीनी का भंडार बताया गया है।
मुख्यमंत्री ने जरूरत पड़ने पर 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का संचालन शुरू कराने के निर्देश भी दिए हैं।
त्योहारों से पहले बढ़ी चिंता
त्योहारों के मौसम में चीनी, पेठा, मिठाई और अन्य मीठे उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में अचानक आया उछाल आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर डाल रहा है। अब प्रशासन की निगरानी और जमाखोरी के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर बाजार की नजर है।