रक्षाबंधन पर आगरा पुलिस बनी भाई की तरह रक्षक, खोया पर्स खोजकर महिला को लौटाया लाखों का सामान
आगरा। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जब एक बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए घर से निकली, तभी रास्ते में उसका कीमती सामान से भरा पर्स छूट गया। पर्स में सोने के आभूषण, मोबाइल फोन समेत अन्य जरूरी सामान था। ऐसे मुश्किल वक्त में आगरा पुलिस ने रक्षक बनकर महिला की मदद की और कड़ी मेहनत के बाद उसका पर्स सुरक्षित बरामद कर उसे वापस सौंप दिया।
जानकारी के मुताबिक एक महिला रक्षाबंधन पर अपने भाई को राखी बांधने के लिए जा रही थी। रास्ते में भदरौली स्थित एक चाऊमीन की दुकान पर वह अपना पर्स भूल गई। महिला के पर्स में सोने की चैन, मंगलसूत्र, कान के झाले, नाक की बाली, चांदी की कमरबंद और मोबाइल फोन रखा हुआ था। भदरौली से आगे फरेरा पहुंचने के बाद महिला को अचानक याद आया कि उसका पर्स कहीं छूट गया है।
महिला ने तत्काल इसकी सूचना चौकी भदरौली, थाना पिनाहट पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और महिला से उसके आने-जाने के पूरे रास्ते की जानकारी हासिल की।
पुलिस टीम ने महिला द्वारा बताए गए स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और सर्विलांस की मदद से पर्स की तलाश शुरू की। पुलिस की तत्परता और तकनीकी सहायता से आखिरकार महिला का खोया हुआ पर्स बरामद कर लिया गया।
पुलिस ने पर्स में मौजूद संपूर्ण सामान को सुरक्षित रखने के बाद उसे महिला के सुपुर्द कर दिया। अपना कीमती सामान सुरक्षित वापस पाकर महिला के चेहरे पर खुशी और राहत साफ नजर आई। रक्षाबंधन के दिन पुलिस की इस मानवीय पहल ने महिला के लिए इस पर्व की खुशी को और भी खास बना दिया।
महिला ने आगरा पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता के लिए आभार जताया। वहीं, पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वर्दी सिर्फ कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं निभाती, बल्कि जरूरत के समय आम नागरिकों के लिए सहारा और सुरक्षा की ढाल भी बनती है।
रक्षाबंधन पर जहां भाई अपनी बहन की रक्षा का संकल्प लेते हैं, वहीं आगरा पुलिस ने भी इस पर्व पर एक बहन के लिए रक्षक की भूमिका निभाकर मानवता और संवेदना की मिसाल पेश की। आगरा पुलिस अपने ध्येय वाक्य “सेवा, सुरक्षा, संवेदना” के साथ नागरिकों की मदद और सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है।