सीएम ग्रिड के धीमे काम पर मंडलायुक्त सख्त, जलभराव और घटिया निर्माण पर ठेकेदारों को चेतावनी - समाचार RIGHT

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बुधवार, 19 अगस्त 2026

सीएम ग्रिड के धीमे काम पर मंडलायुक्त सख्त, जलभराव और घटिया निर्माण पर ठेकेदारों को चेतावनी

सीएम ग्रिड के धीमे काम पर मंडलायुक्त सख्त, जलभराव और घटिया निर्माण पर ठेकेदारों को चेतावनी

आगरा। शहर में सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे सड़क और भूमिगत विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और निर्माण गुणवत्ता को लेकर मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप ने मंगलवार को सख्त रुख अपनाया। लघु सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में लापरवाही, घटिया सामग्री के इस्तेमाल और जलभराव जैसी समस्याओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मंडलायुक्त ने सभी कार्यस्थलों पर पर्याप्त मैनपावर बढ़ाकर काम में तेजी लाने और निर्धारित गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्माण कार्य के दौरान जलभराव के कारण यदि कोई हादसा होता है तो संबंधित ठेकेदार और अनुबंधित फर्म सीधे जिम्मेदार होगी। ऐसे मामलों में कार्रवाई के साथ नुकसान की भरपाई के लिए हर्जाना भी वसूला जाएगा।

टेढ़ी बगिया-कालिंदी विहार मार्ग पर जलभराव से बढ़ी चिंता

नगर निगम आगरा द्वारा टेढ़ी बगिया से कालिंदी विहार होते हुए एनएच-19 सर्विस रोड तक कराए जा रहे समेकित विकास कार्य की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना की करीब 22 प्रतिशत भौतिक प्रगति हो चुकी है और यूटिलिटी डक्ट डालने का काम जारी है।

बैठक में विधायक धर्मपाल सिंह ने बारिश के दौरान मार्ग पर होने वाले जलभराव की समस्या उठाई। मंडलायुक्त ने तत्काल जलभराव की समस्या दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान जलभराव से कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित ठेकेदार और फर्म के खिलाफ कार्रवाई होगी और नुकसान की भरपाई भी कराई जाएगी।

मैन सीवर और मैन वाटर लाइन डालने में हो रही देरी को देखते हुए शासन स्तर पर समन्वय कर किसी अन्य अनुबंधित फर्म से कार्य कराने के निर्देश भी दिए गए।

बसई मंडी-इंदिरापुरम मार्ग पर निर्माण सामग्री के सैंपल फेल

बसई मंडी से इंदिरापुरम चौराहा मार्ग तक समेकित विकास कार्य की प्रगति करीब 35 प्रतिशत बताई गई। अधिकारियों के अनुसार इस मार्ग पर सीवर लाइन डाली जा चुकी है।

थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच एजेंसी ने बताया कि सीवर लाइन के दौरान इस्तेमाल की गई निर्माण सामग्री के लैब टेस्ट कराए गए थे, जिसमें कुछ सैंपल फेल पाए गए। इसकी रिपोर्ट नगर निगम को उपलब्ध करा दी गई थी।

मंडलायुक्त ने इस पर संबंधित अधिकारी से सवाल किया कि सैंपल फेल होने के बाद क्या कार्रवाई की गई। उन्होंने पूरे मामले में की गई कार्रवाई अथवा कार्रवाई नहीं किए जाने की रिपोर्ट तलब की।

नगर आयुक्त को निर्देश दिए गए कि यदि सैंपल फेल होने के बावजूद संबंधित अधिकारी ने कार्रवाई नहीं की है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

अमर होटल के पास नाला चौक, जलभराव की होगी जांच

बसई मंडी से अमर होटल तक चल रहे कार्य की समीक्षा के दौरान सीवर लाइन डालने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने को कहा गया।

अमर होटल के पास नाला चौक होने के कारण ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या सामने आई। मंडलायुक्त ने सहायक नगर आयुक्त को जांच कर यह पता लगाने के निर्देश दिए कि इस वर्ष नाले की सफाई कराई गई थी या नहीं। सफाई नहीं होने की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए।

रवि अस्पताल-राजामंडी मार्ग पर जल्द पूरा होगा सड़क निर्माण

हरीपर्वत चौराहा से रवि अस्पताल और दिल्ली गेट से राजामंडी मेट्रो स्टेशन तक चल रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा हुई।

अधिकारियों ने बताया कि रवि अस्पताल से राजामंडी मेट्रो स्टेशन तक सभी भूमिगत कार्य पूरे हो चुके हैं और आरसीसी सड़क का निर्माण तीन से चार दिन में पूरा होने की उम्मीद है।

वहीं दिल्ली गेट से हरीपर्वत चौराहा तक सीवर लाइन डालने का कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन कनेक्शन का काम अभी बाकी है। मंडलायुक्त ने मैनपावर बढ़ाकर शेष कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

सुभाष पार्क-मारुति स्टेट मार्ग पर भी बढ़ेगी रफ्तार

सुभाष पार्क से कोठी मीना बाजार रोड होते हुए मारुति स्टेट चौराहे तक चल रहे समेकित विकास कार्य की भी समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने पर्याप्त मैनपावर लगाकर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सीएम ग्रिड के तहत चल रहे कार्य केवल कागजों पर आगे बढ़ते हुए नजर नहीं आने चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर उनकी प्रगति दिखाई देनी चाहिए।

थर्ड पार्टी जांच के साथ कार्रवाई की रिपोर्ट भी होगी जरूरी

मंडलायुक्त ने सभी सीएम ग्रिड कार्यस्थलों पर मैनपावर बढ़ाने के साथ निर्माण गुणवत्ता की समय-समय पर थर्ड पार्टी से जांच कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल गुणवत्ता जांच कराना पर्याप्त नहीं है। जांच में कमी मिलने पर नगर निगम द्वारा क्या कार्रवाई की गई और कमियों में क्या सुधार कराया गया, इसकी रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी।

मैन सीवर और मैन वाटर लाइन के कार्यों का तकनीकी मूल्यांकन कराने के निर्देश भी दिए गए, जिससे भविष्य में तकनीकी समस्याओं को रोका जा सके।

लापरवाह अफसरों पर भी होगी कार्रवाई

मंडलायुक्त ने अपर जिलाधिकारी नगर को निर्देश दिए कि शहर में सीएम ग्रिड के तहत चल रहे सभी कार्यों का नियमित निरीक्षण किया जाए। कार्यों की प्रगति, निर्माण गुणवत्ता, जलभराव और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया।

बैठक से स्पष्ट संदेश दिया गया कि सीएम ग्रिड के नाम पर सड़कों की खुदाई कर काम को अनावश्यक रूप से लंबा खींचना, घटिया निर्माण करना या बारिश के दौरान लोगों को जलभराव और हादसे के खतरे में छोड़ना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

निर्माण एजेंसियों के साथ लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

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