क्लासरूम में डीएम बने शिक्षक, बच्चों को पढ़ाया और सफलता का मंत्र दिया
आगरा। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने मंगलवार को खंदौली ब्लॉक के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय उजरई और कंपोजिट स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने क्लासरूम में बच्चों के बीच पहुंचकर उनसे सीधे संवाद किया, पढ़ाई का स्तर परखा और मिड डे मील की गुणवत्ता भी स्वयं भोजन चखकर जांची।
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय उजरई पहुंचने पर जिलाधिकारी ने छात्राओं से पढ़ाई, भोजन, दैनिक दिनचर्या, स्वास्थ्य, सुरक्षा और विद्यालय की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने छात्राओं से पूछा कि भोजन में क्या मिलता है, उसकी गुणवत्ता कैसी है, गीजर काम कर रहा है या नहीं, कपड़े कौन धोता है, कितनी ड्रेस मिली हैं, किताबें मिली हैं या नहीं और कक्षा में लगी टीवी का इस्तेमाल होता है या नहीं।
डीएम ने अंग्रेजी और गणित की पढ़ाई को लेकर भी छात्राओं से सवाल किए। जिलाधिकारी को अपने बीच पाकर छात्राएं उत्साहित नजर आईं और कुछ ही देर में उनसे सहज होकर बातचीत करने लगीं।
किताब लेकर बच्चों को पढ़ाया
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने खुद किताब लेकर छात्राओं को पढ़ाया। उन्होंने कोशिका से संबंधित विषय से लेकर अंग्रेजी के शब्दों के अर्थ तक समझाए और बच्चों से सवाल-जवाब भी किए। छात्राओं का शैक्षिक स्तर संतोषजनक मिलने पर उन्होंने उन्हें प्रोत्साहित किया।
जिलाधिकारी ने छात्राओं से कहा कि वे बड़े सपने देखें, अपने लक्ष्य को तय करें और उसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करें। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
प्रयोगशाला, लाइब्रेरी और छात्रावास का किया निरीक्षण
इसके बाद जिलाधिकारी ने उच्चीकृत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया, जहां कक्षा 9 और 10 की छात्राएं अध्ययनरत हैं। उन्होंने क्लासरूम के अलावा भौतिक विज्ञान और जीव विज्ञान प्रयोगशाला, लाइब्रेरी, रसोई, छात्रावास, खेलकूद सामग्री, शौचालय, पेयजल और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
डीएम ने पूरे परिसर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने छात्राओं को नियमित रूप से प्रायोगिक ज्ञान उपलब्ध कराने और प्रतिदिन खेलकूद की गतिविधियां कराने पर भी जोर दिया।
मिड डे मील की गुणवत्ता जांचने के लिए जिलाधिकारी ने खाना स्वयं चखकर उसकी गुणवत्ता परखी।
छात्राओं को HPV वैक्सीन के प्रति किया जागरूक
उच्चीकृत विद्यालय की छात्राओं से संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने HPV वैक्सीन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं से अपने अभिभावकों को इसके बारे में जानकारी देने और पात्र होने पर वैक्सीनेशन कराने के लिए प्रेरित किया।
कंपोजिट स्कूल में बच्चों से पूछे सवाल
इसके बाद जिलाधिकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय उजरई (कंपोजिट) पहुंचे। यहां उन्होंने बच्चों से ड्रेस, जूते-मोजे, पाठ्य पुस्तकों की उपलब्धता और मिड डे मील के संबंध में जानकारी ली।
डीएम ने बच्चों की पढ़ाई का स्तर जांचने के लिए उन्हें सवाल दिए और कुछ प्रश्नों को ब्लैक बोर्ड पर हल भी कराया।
13 कस्तूरबा विद्यालयों में सीएसआर फंड से सुधरेंगी सुविधाएं
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के सभी 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) फंड के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
इसके तहत विद्यालयों में बच्चों के लिए कुर्सी-मेज, डिजिटल शिक्षा, पोषण कार्यक्रम, भवन की मरम्मत, रंगाई-पुताई, शौचालय एवं वॉशरूम की मरम्मत, चारदीवारी, पेयजल, स्मार्ट क्लासरूम और उच्चीकृत कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इसके अलावा खिड़की-जाली की मरम्मत, हाथ धोने की सुविधा और खेलकूद सामग्री उपलब्ध कराने के लिए भी कार्ययोजना और एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम ने सीएसआर फंड के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नोडल अधिकारी नामित करने और सभी कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डिजिटल शिक्षा और सुरक्षा पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान दौर तकनीकी और आधुनिक शिक्षा का है। ऐसे में बालिकाओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना और उन्हें बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने आवासीय विद्यालयों में मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, मूलभूत सुविधाएं और बेहतर पठन-पाठन का वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय में चल रहे बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य की गुणवत्ता भी परखी और खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय का निरीक्षण किया।
इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी सुमित कुमार, डीसी बालिका कुलदीप तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।