आगरा में बिना HSRP और छेड़छाड़ वाली नंबर प्लेट पर सख्ती, वाहन होंगे सीज; एफआईआर के भी निर्देश - समाचार RIGHT

BREAKING NEWS

बुधवार, 5 अगस्त 2026

आगरा में बिना HSRP और छेड़छाड़ वाली नंबर प्लेट पर सख्ती, वाहन होंगे सीज; एफआईआर के भी निर्देश

आगरा में बिना HSRP और छेड़छाड़ वाली नंबर प्लेट पर सख्ती, वाहन होंगे सीज; एफआईआर के भी निर्देश

आगरा। जिले में बिना हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP), टेम्पररी नंबर प्लेट, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने अथवा नंबर छिपाकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई होगी। जिलाधिकारी ने ऐसे वाहनों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने के निर्देश देते हुए आवश्यकतानुसार एफआईआर दर्ज कराने, वाहन सीज करने, चालान और जुर्माना लगाने के आदेश जारी किए हैं।

मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि कई वाहन चालक चालान से बचने के लिए नंबर प्लेट के अंक मिटा देते हैं, खुरच देते हैं या उन्हें ढककर चलते हैं, जिससे वाहन की पहचान करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में जिलाधिकारी ने यमुना और चंबल नदी क्षेत्र सहित जनपद के अन्य इलाकों में बालू, पत्थर और मिट्टी के अवैध खनन पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना वैध परमिट या पट्टे के होने वाले खनन और अवैध परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने जनपद और तहसील स्तर पर गठित संयुक्त टास्क फोर्स को 24 घंटे निगरानी और सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी खनन वाहनों का रिकॉर्ड संधारित करने और प्रतिदिन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि प्रवर्तन कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जिला खनन अधिकारी मिथलेश पांडेय ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन, ड्रोन सर्वे, प्रवर्तन कार्रवाई और पर्यावरणीय मानकों की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक खनन अनुमति जारी करने से पहले संबंधित स्थल का अनिवार्य रूप से ड्रोन सर्वे और फोटोग्राफी कराई जाए तथा खनन पूरा होने के बाद दोबारा ड्रोन सर्वे कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कार्य स्वीकृत सीमा और शर्तों के अनुरूप हुआ है।

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक खनन अनुमति की प्रति संबंधित उपजिलाधिकारी, थाना प्रभारी और एसीपी को उपलब्ध कराई जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन की रोकथाम के लिए चिन्हित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल रूम स्थापित करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

बैठक में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हेमंत कुमार, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संदीप कुमार वर्मा, जिला खनन अधिकारी मिथलेश पांडेय, डीएफओ राजेश कुमार सहित संबंधित एसीपी और एसडीएम उपस्थित रहे।

video

Pages