गांव के एक घर से शुरू हुआ सफर, आज 101 बच्चों की शिक्षा का केंद्र बना प्राथमिक विद्यालय नगला दौलतिया - समाचार RIGHT

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बुधवार, 2 सितंबर 2026

गांव के एक घर से शुरू हुआ सफर, आज 101 बच्चों की शिक्षा का केंद्र बना प्राथमिक विद्यालय नगला दौलतिया

गांव के एक घर से शुरू हुआ सफर, आज 101 बच्चों की शिक्षा का केंद्र बना प्राथमिक विद्यालय नगला दौलतिया

आगरा:-प्राथमिक विद्यालय नगला दौलतिया का सफर समर्पण, मेहनत और सामुदायिक सहभागिता की प्रेरक कहानी है। वर्ष 2012 में विद्यालय में नियुक्ति के समय विद्यालय भवन का निर्माण कार्य चल रहा था। उस समय विद्यालय में बच्चों का नामांकन कराना भी एक चुनौती थी। शिक्षकों ने घर-घर जाकर ग्रामीणों और अभिभावकों से संपर्क किया तथा बच्चों को विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय भवन का निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण शुरुआती दिनों में गांव के ही एक घर में बैठकर बच्चों को पढ़ाया गया। सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षकों ने शिक्षा की प्रक्रिया को रुकने नहीं दिया। वर्ष 2013 में विद्यालय का संचालन अपने भवन में प्रारंभ हुआ। निरंतर प्रयासों से विद्यालय में लगभग 118 बच्चों का नामांकन हुआ। उस समय विद्यालय में आधारभूत सुविधाओं का अभाव था और बरसात के दौरान भी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता था।

कायाकल्प से बदली विद्यालय की तस्वीर

वर्ष 2019 में सरकार की कायाकल्प योजना के अंतर्गत विद्यालय में विभिन्न सुविधाओं का विकास किया गया। विद्यालय में फर्श पर टाइल्स, पुस्तकालय सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया गया। विद्युत व्यवस्था को बेहतर किया गया तथा टेलीविजन, स्मार्ट एवं तकनीकी संसाधनों जैसी सुविधाओं को भी शिक्षण प्रक्रिया से जोड़ा गया।

इन सुविधाओं के विकास से विद्यालय का वातावरण पहले की अपेक्षा अधिक आकर्षक, सुविधाजनक और बच्चों के अनुकूल हुआ। विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग बच्चों को बेहतर एवं रुचिपूर्ण तरीके से शिक्षा देने के लिए किया जा रहा है।

आज 101 बच्चे ले रहे शिक्षा

निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि वर्तमान में प्राथमिक विद्यालय नगला दौलतिया में 101 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। विद्यालय में बच्चों और शिक्षकों के बीच सकारात्मक एवं आत्मीय वातावरण बना हुआ है। शिक्षक बच्चों की आवश्यकताओं और उनकी सीखने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए उन्हें पूरी मेहनत और लगन के साथ शिक्षित कर रहे हैं।

विद्यालय में शिक्षकों का आपसी सहयोग भी इसकी महत्वपूर्ण विशेषता है। सभी शिक्षक मिलकर बच्चों की शैक्षिक प्रगति पर ध्यान देते हैं और उन्हें सीखने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं।

संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक यात्रा

प्राथमिक विद्यालय नगला दौलतिया की यात्रा यह दर्शाती है कि संसाधनों की कमी शिक्षा के मार्ग में स्थायी बाधा नहीं बन सकती। यदि शिक्षक समर्पण के साथ कार्य करें और समुदाय का सहयोग मिले, तो सीमित संसाधनों से भी विद्यालय को बेहतर शैक्षिक वातावरण में बदला जा सकता है।

गांव के एक घर में बैठकर पढ़ाई शुरू करने से लेकर आज 101 बच्चों को शिक्षा प्रदान करने तक का यह सफर विद्यालय के शिक्षकों की मेहनत, ग्रामीणों के सहयोग और शिक्षा के प्रति बढ़ते विश्वास की कहानी कहता है।

विद्यालय निरंतर प्रयासरत है कि प्रत्येक बच्चा नियमित रूप से विद्यालय आए, बेहतर तरीके से सीखे और अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़े।
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