घर-घर संपर्क से बढ़ा शिक्षा के प्रति विश्वास, नवाचार से बदली नानपुर विद्यालय की तस्वीर
नियमित उपस्थिति, अभिभावक सहभागिता और गतिविधि आधारित शिक्षण पर विशेष जोर
आगरा:-विकासखंड बिचपुरी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय नानपुर में शिक्षकों के निरंतर प्रयासों से विद्यालय के शैक्षिक वातावरण में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। बच्चों को विद्यालय से जोड़ने और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए विद्यालय परिवार द्वारा गांव में जाकर अभिभावकों से संपर्क किया गया। समय-समय पर जागरूकता रैलियों के माध्यम से ग्रामीणों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया गया, जिससे विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर जुड़ाव बना।
100 प्रतिशत उपस्थिति के लिए बच्चों को मिल रहा प्रोत्साहन
बच्चों की नियमित उपस्थिति को बढ़ावा देने के लिए विद्यालय में 100 प्रतिशत उपस्थिति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाता है। इस पहल से बच्चों में नियमित रूप से विद्यालय आने के प्रति उत्साह बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षक अभिभावक बैठकों के माध्यम से अभिभावकों को भी बच्चों की शिक्षा से जोड़ा गया है और उनके सहयोग एवं सहभागिता को सम्मान दिया जाता है।
विज्ञान मॉडल के माध्यम से सीखने में बढ़ी रुचि
विद्यालय में विज्ञान विषय को बच्चों के लिए अधिक रुचिकर बनाने के लिए मॉडल आधारित गतिविधियों को अपनाया गया है। विद्यार्थी स्वयं विज्ञान मॉडल तैयार करते हैं और उनके माध्यम से विभिन्न विषयों को समझने का प्रयास करते हैं। इससे बच्चों में वैज्ञानिक विषयों के प्रति रुचि और जिज्ञासा विकसित करने में मदद मिल रही है।
मीना मंच से बच्चों को मिला अपनी बात रखने का अवसर
विद्यालय में मीना मंच की गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को अपनी बात रखने, विभिन्न विषयों पर चर्चा करने और सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर दिया जाता है। ऐसी गतिविधियों से बच्चों में आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
योग, समाचार-पत्र पठन और वृक्षारोपण भी शिक्षण का हिस्सा
विद्यालय में शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखते हुए बच्चों के सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को योग कराया जाता है, जिससे वे स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हों। समाचार-पत्र पठन के माध्यम से बच्चों बच्चों में पढ़ने की आदत और अपने आसपास की घटनाओं के प्रति रुचि विकसित की जा रही है। विद्यालय में वृक्षारोपण जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा जाता है।
शिक्षक, अभिभावक और समुदाय की सहभागिता से सकारात्मक बदलाव
विद्यालय में किए जा रहे इन प्रयासों का उद्देश्य बच्चों को केवल विद्यालय तक लाना नहीं, बल्कि उन्हें सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से जोड़ना है। गांव में संपर्क, अभिभावकों की सहभागिता, नियमित उपस्थिति के लिए
प्रोत्साहन तथा विज्ञान और सह-शैक्षिक गतिविधियों ने विद्यालय में सीखने के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करने में योगदान दिया है।
उच्च प्राथमिक विद्यालय नानपुर की यह पहल इस बात का उदाहरण है कि शिक्षक, अभिभावक और समुदाय मिलकर निरंतर प्रयास करें तो विद्यालय में शिक्षा के प्रति रुचि और सकारात्मक वातावरण को मजबूत किया जा सकता है। विद्यालय परिवार का प्रयास है कि प्रत्येक बच्चा नियमित रूप से विद्यालय आए, सीखने की गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग ले और अपनी प्रतिभा को विकसित करने के अवसर प्राप्त करे।