जन्माष्टमी के रंग में रंगा आगरा, रात 12 बजे गूंजेगा ‘नंद के आनंद भयो’ - समाचार RIGHT

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शनिवार, 5 सितंबर 2026

जन्माष्टमी के रंग में रंगा आगरा, रात 12 बजे गूंजेगा ‘नंद के आनंद भयो’

जन्माष्टमी के रंग में रंगा आगरा, रात 12 बजे गूंजेगा ‘नंद के आनंद भयो’

मंदिरों से घरों तक कान्हा के जन्मोत्सव की धूम, बाजारों में लड्डू गोपाल के शृंगार की जमकर खरीदारी; 15 लाख तक के चांदी के हिंडोले बने आकर्षण

आगरा। घड़ी की सुइयां जैसे-जैसे मध्यरात्रि की ओर बढ़ रही हैं, ताजनगरी में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का उल्लास भी चरम पर पहुंच रहा है। जन्माष्टमी पर पूरा शहर कृष्ण भक्ति में डूबा नजर आ रहा है। मंदिरों से लेकर घरों तक लड्डू गोपाल के जन्म की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। रात ठीक 12 बजे कान्हा के जन्म के साथ ही मंदिरों में घंटा-घड़ियाल और शंखनाद गूंजेगा और चारों ओर ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे सुनाई देंगे।

शहर के प्रमुख मंदिरों को फूलों, रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया है। घरों में भी भक्तों ने कान्हा के लिए सुंदर झांकियां और छोटे-छोटे सिंहासन तैयार किए हैं। शाम होते ही भजन-कीर्तन, धार्मिक आयोजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का दौर शुरू हो गया। कान्हा की लीलाओं पर आधारित कार्यक्रमों ने वातावरण को पूरी तरह कृष्णमय बना दिया।

कान्हा के स्वागत में सजे बाजार

जन्माष्टमी को लेकर शहर के बाजारों में भी जबरदस्त रौनक है। लड्डू गोपाल के लिए पोशाक, मुकुट, बांसुरी, झूले, मोरपंख और शृंगार सामग्री की खरीदारी के लिए भक्त दुकानों पर पहुंच रहे हैं। इस बार मथुरा, राजकोट और नाथद्वारा से मोती और नग जड़ी आकर्षक पोशाकें मंगाई गई हैं।

लड्डू गोपाल की पोशाक 5 रुपये से लेकर 600 रुपये तक उपलब्ध है। साधारण पोशाकों के साथ मोती और चमकीले नगों से सजी डिजाइनर पोशाकें भी भक्तों को खूब पसंद आ रही हैं।

15 लाख रुपये तक के चांदी के हिंडोले

कान्हा के शृंगार में इस बार चांदी के मुकुट, बांसुरी और हिंडोले खास आकर्षण बने हुए हैं। सराफा कारोबारी संतोषी लाल के मुताबिक चांदी के मुकुट 1,500 रुपये से एक लाख रुपये तक उपलब्ध हैं। चांदी की बांसुरी की कीमत 1,000 से 5,000 रुपये तक है।

वहीं लड्डू गोपाल को झुलाने के लिए चांदी के हिंडोले 15 हजार रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक के हैं। करीब छह किलो वजन वाला सबसे महंगा हिंडोला भी बाजार में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

पायल से मुकुट तक पूरा शृंगार सेट

कान्हा के संपूर्ण शृंगार के लिए बाजार में पायल, बिछिया, बांसुरी, मुकुट, खड़ाऊं, कुंडल, हार और कंगन सहित कई तरह के सेट उपलब्ध हैं। इनकी कीमत करीब 2,000 से 6,000 रुपये तक है। वहीं छोटे मुकुट पांच रुपये से 300 रुपये तक मिल रहे हैं।

राजामंडी क्षेत्र की विक्रेता संगीता के अनुसार, छोटे शृंगार सेटों की भी अच्छी मांग है। करीब 100 रुपये के सेट में कुंडल, कंगन, हार, बांसुरी और मोरपंख जैसी वस्तुएं शामिल हैं।

नन्हे कान्हा बनेंगे घर-घर के लाडले

जन्माष्टमी पर बच्चों को कान्हा और राधा के रूप में सजाने का उत्साह भी दिखाई दे रहा है। अभिभावक बच्चों के लिए पीले वस्त्र, मुकुट, मोरपंख और बांसुरी खरीद रहे हैं। कई स्थानों पर नन्हे कान्हा की वेशभूषा में बच्चों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।

मच्छरदानी से सिंहासन तक इंतजाम

बाजार में लड्डू गोपाल के लिए जरूरत और सजावट से जुड़ी हर छोटी-बड़ी वस्तु उपलब्ध है। 10 से 500 रुपये तक की आकर्षक मच्छरदानियां बिक रही हैं। इसके अलावा छोटे बेड, सोफा और सिंहासन भी अलग-अलग डिजाइन में उपलब्ध हैं। लकड़ी, धातु और सजावटी सामग्री से तैयार इन सिंहासनों की भी खूब मांग है।

कान्हा थीम केक ने बढ़ाया उत्सव का रंग

जन्माष्टमी के पारंपरिक उत्सव में आधुनिक अंदाज भी शामिल हो गया है। कमला नगर और आवास विकास क्षेत्र की बेकरी दुकानों पर कान्हा थीम के विशेष केक तैयार किए जा रहे हैं। इन पर लड्डू गोपाल, मोरपंख, मटकी और श्रीकृष्ण के चरणों की आकर्षक डिजाइन बनाई जा रही है। लोगों ने अपनी पसंद के डिजाइन के लिए पहले से केक की बुकिंग भी कराई है।

मध्यरात्रि में जन्मेंगे कान्हा, गूंजेगा जयकारा

अब शहर को उस शुभ घड़ी का इंतजार है, जब रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होगा। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ भगवान का अभिषेक किया जाएगा। घंटा-घड़ियाल और शंखनाद के बीच कान्हा के जन्म की खुशी मनाई जाएगी।

जन्म के साथ ही मंदिरों और घरों में ‘नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयकारे गूंज उठेंगे। फूलों और रोशनी से सजे मंदिर, कृष्णमय भजन, आकर्षक झांकियां और कान्हा के शृंगार से सजे बाजार—हर तरफ भक्ति और उल्लास का ऐसा रंग नजर आ रहा है, मानो पूरी ताजनगरी कान्हा के स्वागत में सजकर तैयार हो गई हो।

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