2027 का रण: एत्मादपुर के PDA सम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब, डॉ. सुरेश कुशवाहा के नेतृत्व में सपा ने दिखाया दमखम
अखिलेश यादव के नेतृत्व में 2027 में लहराएगा परचम, विपक्ष पस्त: जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाहा
जनपद आगरा। आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में समाजवादी पार्टी (सपा) ने आगरा जिले में अपनी चुनावी बिसात बिछाते हुए संगठन को मजबूत करने की प्रक्रिया को गति दे दी है। आगरा की एत्मादपुर विधानसभा संख्या 86 क्षेत्र के बरहन स्थित रिद्धि-सिद्धि फार्म हाउस में 'पी.डी.ए. (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) सम्मेलन मिशन 2027' का एक भव्य और विशाल आयोजन किया गया।
एत्मादपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट के प्रबल दावेदार तथा वर्तमान में एत्मादपुर नगर पालिका के चेयरमैन डॉ. सुरेश कुशवाहा के संयोजन व नेतृत्व में आयोजित इस सम्मेलन में सर्व समाज के सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में उमड़े जनसैलाब ने आगामी चुनावों के लिए डॉ. सुरेश कुशवाहा की दावेदारी को मजबूती प्रदान करते हुए समाजवादी पार्टी को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाहा, प्रदेश सचिव एवं पूर्व एमएलसी प्रत्याशी करुणाकांत मौर्य उपस्थित रहे। अतिथियों का फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान मंच पर मनोज शर्मा, सपा नेता वीरेंद्र सिंह चौहान सहित जिले के कई अन्य प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंच से वक्ताओं ने प्रदेश की वर्तमान सरकार की नीतियों पर जमकर हमला बोला और कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा।
सम्मेलन के दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सपा जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाहा ने कहा, "उत्तर प्रदेश की जनता अब बदलाव चाहती है। प्रदेशभर में समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पक्ष में एक बड़ा जनसैलाब और माहौल देखने को मिल रहा है। सपा की बढ़ती लहर से विरोधी दल पूरी तरह पस्त और असहज हो चुके हैं।
उन्होंने आगे कहा कि PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नीति पार्टी का सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरी है। यादव समाज सपा का पारंपरिक और मजबूत आधार तो है ही, लेकिन अब मुस्लिम, बघेल, निषाद और कुशवाहा समाज सहित सर्व समाज का भरोसा अखिलेश यादव के नेतृत्व पर बना है। समाज का हर वर्ग आज सपा से जुड़कर 2027 में बदलाव की पटकथा लिख रहा है।
सपा नेताओं ने एत्मादपुर विधानसभा क्षेत्र और पूरे प्रदेश में जनसमस्याओं को लेकर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सत्ता पक्ष ने जनता के हित में कोई ठोस कार्य नहीं किया है। एत्मादपुर क्षेत्र में दर्जनों सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को बंद कर दिया गया, जिससे ग्रामीण व गरीब बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है। इसके साथ ही, बीते वर्षों में आयोजित दर्जनों प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने से प्रदेश के युवाओं का भविष्य अंधकारमय हुआ है और उनका मानसिक व आर्थिक शोषण किया गया है।
आगरा जिले की 9 विधानसभा सीटों पर विपक्षी दबदबे और एत्मादपुर सहित अन्य सीटों पर टिकट की दावेदारी के सवाल पर जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि 2022 के मुकाबले इस बार हर सीट पर सपा के दावेदारों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है, जो पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि प्रत्याशियों के चयन का अधिकार केवल राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पास है। जो प्रत्याशी धरातल पर मजबूत होगा, जनता के बीच लोकप्रिय होगा और क्षेत्र में सक्रिय रहेगा, उसे ही सिंबल दिया जाएगा। पार्टी का हर सिपाही और कार्यकर्ता उस प्रत्याशी को जिताकर लखनऊ भेजने के लिए जी-तोड़ मेहनत करेगा।
मिशन 2027 को ध्यान में रखते हुए सपा जमीनी स्तर पर अपने संगठन का विस्तार कर रही है। सम्मेलन के दौरान विरोधी दलों, विशेषकर भाजपा के कई भूतपूर्व बूथ अध्यक्षों और अन्य राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी की नीतियों में आस्था जताते हुए सपा की सदस्यता ग्रहण की। जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाहा ने सभी नए सदस्यों का पटका पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। उन्होंने दावा किया कि नवरात्रि के शुभ अवसर पर आगरा क्षेत्र से अन्य दलों के कई बड़े राजनीतिक चेहरे भी समाजवादी पार्टी का दामन थामने के लिए तैयार हैं, जिससे आगरा में सपा की स्थिति और भी मजबूत होगी।