आगरा खंड स्नातक-शिक्षक सीट पर चुनावी बिगुल, 23 अक्टूबर को मतदान; भाजपा-सपा-कांग्रेस में दावेदारी तेज - समाचार RIGHT

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बुधवार, 23 सितंबर 2026

आगरा खंड स्नातक-शिक्षक सीट पर चुनावी बिगुल, 23 अक्टूबर को मतदान; भाजपा-सपा-कांग्रेस में दावेदारी तेज

आगरा खंड स्नातक-शिक्षक सीट पर चुनावी बिगुल, 23 अक्टूबर को मतदान; भाजपा-सपा-कांग्रेस में दावेदारी तेज

29 सितंबर से नामांकन, 27 अक्टूबर को मतगणना; 12 जिलों में आदर्श आचार संहिता लागू, मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर को होगा पूरा

आगरा। उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा खंड स्नातक और आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। दोनों सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही संबंधित 12 जिलों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। भाजपा, सपा और कांग्रेस समेत विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े दावेदारों की सक्रियता भी बढ़ने की संभावना है।

आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से वर्तमान में डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह 'गुरु जी' तथा आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. आकाश अग्रवाल सदस्य हैं। दोनों सदस्यों का कार्यकाल छह दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। डॉ. आकाश अग्रवाल को उत्तर प्रदेश विधान परिषद की आधिकारिक सदस्य सूची में आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से स्वतंत्र सदस्य के रूप में दर्ज किया गया है।

भारत निर्वाचन आयोग के घोषित कार्यक्रम के अनुसार दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि छह अक्टूबर निर्धारित की गई है। सात अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि नौ अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद 23 अक्टूबर को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान कराया जाएगा। 27 अक्टूबर को मतगणना होगी और 31 अक्टूबर तक पूरी निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न करा ली जाएगी।

आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में आगरा के साथ फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, एटा, मैनपुरी, इटावा, फर्रुखाबाद, कासगंज, हाथरस, औरैया और कन्नौज जिले शामिल हैं। इन सभी जिलों के संबंधित मतदाता चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद दोनों सीटों पर संभावित प्रत्याशियों को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। भाजपा, सपा और कांग्रेस सहित विभिन्न दलों से जुड़े नेताओं और संगठनों में दावेदारी को लेकर मंथन शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, प्रत्याशियों के नामांकन के बाद ही मुकाबले की तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।

निर्वाचन कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित जिलों में प्रशासन ने भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आदर्श आचार संहिता के प्रावधान लागू कर दिए हैं। निर्वाचन अधिकारियों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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