हाईटेंशन तार चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाश, तीन बदमाश गिरफ्तार; 55 किलो तार और 2.80 लाख रुपये बरामद - समाचार RIGHT

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शुक्रवार, 18 सितंबर 2026

हाईटेंशन तार चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाश, तीन बदमाश गिरफ्तार; 55 किलो तार और 2.80 लाख रुपये बरामद

हाईटेंशन तार चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाश, तीन बदमाश गिरफ्तार; 55 किलो तार और 2.80 लाख रुपये बरामद

1700 मीटर तार चोरी के बाद 2760 किलो माल गलाकर बेच दिया, पुलिस से बचने के लिए गाड़ी में रखते थे तार का बंडल

आगरा। खेरागढ़ थाना पुलिस ने हाईटेंशन बिजली के तार चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त महिंद्रा मैक्स पिकअप, 55 किलो एल्युमिनियम तार, 2.80 लाख रुपये नकद, अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस और तार काटने के औजार बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने हाईटेंशन तार चोरी करने और उसे गलाकर खपाने के तरीके का खुलासा किया, जिसे जानकर पुलिस भी चौंक गई।

1700 मीटर हाईटेंशन तार पर किया था हाथ साफ

डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार के मुताबिक, 7 सितंबर की रात ग्राम भिलावली-खानपुर के पास करीब 1700 मीटर एल्युमिनियम हाईटेंशन तार चोरी किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए घटनास्थल और आसपास के इलाके के साथ-साथ आगरा से राजस्थान के अलवर और कोटपूतली तक करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई।

इसके बाद मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने भिलावली मोड़ के पास बरुहरा जाने वाली सड़क पर घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से चोरी से जुड़ा सामान और नकदी बरामद हुई।

2760 किलो तार काटकर गलाया, आठ लाख रुपये में खपाया

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी हुकुमचंद ने बताया कि उसकी कोटपूतली में बालाजी एंटरप्राइजेज नाम से फर्म है, जहां कबाड़ खरीदने-बेचने के साथ ही उसे गलाकर खपाने का काम किया जाता है। उसके मुताबिक, संदीप और सचिन भी छोटे स्तर पर कबाड़ का काम करते हैं और फेरी के जरिए कबाड़ उसके पास पहुंचाते हैं।

आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अपने साथियों संदीप, सचिन, नावेद, जाकिर और निसामुद्दीन के साथ मिलकर 7-8 सितंबर की रात भिलावली-खानपुर के पास हाईटेंशन तार काटकर चोरी किया था। चोरी किए गए तार का कुल वजन करीब 2760 किलो बताया गया है। आरोपियों ने तार को बालाजी एंटरप्राइजेज में गलाकर खपा दिया, जिससे करीब आठ लाख रुपये मिले।

पुलिस के अनुसार, इस रकम में हुकुमचंद को दो लाख रुपये, सचिन, संदीप, जाकिर और निसामुद्दीन को एक-एक लाख रुपये तथा नावेद को दो लाख रुपये मिले। पुलिस ने बरामद 2.80 लाख रुपये को चोरी के तार को गलाकर बेचने से प्राप्त रकम बताया है।

पुलिस से बचने के लिए रचा था अलग बहाना

पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि पिकअप में मिला 55 किलो एल्युमिनियम तार का एक बंडल उन्होंने जानबूझकर रखा था। उनका इरादा था कि रास्ते में पुलिस रोककर पूछताछ करे तो वे खुद को बिजली का काम करने वाला बताकर तार को वैध साबित करने की कोशिश कर सकें।

पुलिस अब गिरोह के फरार अन्य सदस्यों नावेद, जाकिर और निसामुद्दीन की तलाश में जुटी है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने इससे पहले कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और चोरी के तार को कहां-कहां खपाया गया।

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