आगरा में राष्ट्रीय लोक अदालत में 6.76 लाख वादों का निस्तारण, 30.10 करोड़ की प्रतिकर राशि पीड़ितों को मिली - समाचार RIGHT

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रविवार, 13 सितंबर 2026

आगरा में राष्ट्रीय लोक अदालत में 6.76 लाख वादों का निस्तारण, 30.10 करोड़ की प्रतिकर राशि पीड़ितों को मिली

आगरा में राष्ट्रीय लोक अदालत में 6.76 लाख वादों का निस्तारण, 30.10 करोड़ की प्रतिकर राशि पीड़ितों को मिली

यातायात चालान, बिजली, गैस, वैवाहिक और वित्तीय मामलों का सुलह-समझौते से निपटारा

आगरा। शनिवार को आगरा में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण किया गया। जनपद न्यायालय से लेकर तहसील और ब्लॉक स्तर तक आयोजित लोक अदालत में कुल 6,76,335 वादों का निस्तारण किया गया। इनमें सबसे अधिक मामले यातायात चालान, ग्रीन गैस लिमिटेड, वैवाहिक प्रीलिटिगेशन, डीवीवीएनएल, टोरंट पावर लिमिटेड और विभिन्न फाइनेंस कंपनियों से संबंधित रहे।

राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने किया। इस दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शारिब अली, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुष्कर उपाध्याय, नोडल अधिकारी अमरजीत, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पंकज कुमार-प्रथम समेत न्यायिक अधिकारी, बैंक एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी-प्रतिनिधि, वादकारी, पराविधिक स्वयंसेवक और कर्मचारी मौजूद रहे।

जनपद न्यायालय आगरा द्वारा चार वादों तथा अन्य अपर जनपद न्यायालयों द्वारा विभिन्न प्रकृति के 1,365 वादों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में 4 करोड़ 42 लाख 35 हजार रुपये की धनराशि अधिरोपित की गई। वहीं परिवार न्यायालय और अतिरिक्त परिवार न्यायालयों द्वारा 86 वादों का निस्तारण किया गया।

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में पीठासीन अधिकारी रामविलास की अदालत में 140 वादों का निस्तारण हुआ। इन मामलों में दुर्घटना पीड़ित पक्षों को 30 करोड़ 10 लाख 95 हजार रुपये की प्रतिकर राशि प्रदान की गई।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, रेलवे न्यायालय, सिविल जज, अपर सिविल जज, न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं अन्य न्यायालयों द्वारा कुल 13,222 वादों का निस्तारण किया गया। जिला उपभोक्ता फोरम के प्रथम और द्वितीय न्यायालय में भी 37 मामलों का निपटारा किया गया।

यातायात से जुड़े मामलों में वर्चुअल न्यायालय ने बड़ी संख्या में मोटर वाहन चालानों का निस्तारण किया। यहां 1,53,275 मोटर वाहन चालान निस्तारित किए गए।

जनपद न्यायालय के अतिरिक्त तहसील और ब्लॉक स्तर पर भी लोक अदालत का व्यापक आयोजन हुआ। पुलिस आयुक्त कार्यालय एवं यातायात चालान, ग्रीन गैस लिमिटेड, वैवाहिक प्रीलिटिगेशन, भारत दूरसंचार निगम लिमिटेड, टोरंट पावर लिमिटेड, विभिन्न खंड विकास कार्यालयों और फाइनेंस कंपनियों से संबंधित कुल 5,06,915 वादों का निस्तारण किया गया।

बैंकों और वित्तीय संस्थानों से जुड़े प्री-लिटिगेशन मामलों में भी लोक अदालत प्रभावी रही। भारतीय स्टेट बैंक, यूको बैंक, ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, सिंडिकेट बैंक सहित अन्य फाइनेंस कंपनियों के 1,341 प्री-लिटिगेशन वादों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण हुआ। इनमें 11 करोड़ 97 लाख 74 हजार रुपये की समझौता धनराशि शामिल रही।

राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से बड़ी संख्या में मामलों का आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण होने से वादकारियों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली।

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