आगरा में नकली खाद के कारोबार का भंडाफोड़, 79 कट्टे संदिग्ध उर्वरक बरामद
डीएपी के खाली बैग, सिलाई मशीन और धागे भी मिले; बोलेरो पिकअप व ईको कार सीज, पांच के खिलाफ एफआईआर
आगरा। जिले में संदिग्ध उर्वरक की आपूर्ति और वितरण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में कृषि विभाग की टीम ने खेरागढ़ क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। चेकिंग के दौरान दो वाहनों से 79 कट्टे संदिग्ध काले दानेदार उर्वरक बरामद किए गए। इसके अलावा ईको कार से डीएपी के नाम वाले 249 खाली बैग, बैग सिलने की दो मशीनें और धागे के बंडल बरामद हुए हैं। कृषि विभाग ने दोनों वाहनों को बरामद सामग्री समेत सील कर थाना खेरागढ़ पुलिस के सुपुर्द कर दिया। मामले में पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार को संदिग्ध उर्वरक की सूचना मिली थी। इसके बाद वह अपर जिला कृषि अधिकारी गुफरान अहमद, नायब तहसीलदार अनुज दीक्षित, उर्वरक सहायक गोविन्द वर्मा, भूदेव सिंह तथा थाना प्रभारी हरीश शर्मा पुलिस बल के साथ जगनेर रोड स्थित आनंद पब्लिक स्कूल के पास रैना नगर पहुंचे। यहां दो संदिग्ध उर्वरक लदे वाहनों को रोककर पूछताछ की गई।
वाहनों में मौजूद मोनू पुत्र जय सिंह निवासी नगला माकरौल इटोरा, थाना मलपुरा और सूरज पुत्र प्रेम सिंह निवासी कर्दम फार्म हाउस, रोहता से उर्वरक से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई प्रपत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर कृषि विभाग की टीम ने दोनों वाहनों की सघन तलाशी ली।
तलाशी के दौरान बोलेरो पिकअप संख्या RJ11 GD 2457 से 79 कट्टे बरामद हुए। सफेद रंग के बिना किसी मार्का वाले इन सिले हुए कट्टों में काले रंग का संदिग्ध दानेदार उर्वरक भरा था। वहीं ईको कार संख्या UP80 GM 7689 से 249 खाली बैग मिले, जिन पर भारत डीएपी, INDIAN POTASH LIMITED लिखा हुआ था। इसके साथ ही बैगों की सिलाई करने वाली दो मशीनें और हरे-सफेद रंग के धागों के बंडल भी बरामद हुए।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि वाहनों में मौजूद काले दानेदार उर्वरक को डीएपी के छपे हुए खाली बैगों में भरकर सिलाई करने के लिए रूपे पुत्र दर्शन सिंह, विमल लवानियां और हरेन्द्र कुमार निवासी डाण्डा, खेरागढ़ के कहने पर सामग्री लाई गई थी।
मामला संदिग्ध पाए जाने पर जिला कृषि अधिकारी ने बरामद 79 कट्टों में से दो नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए लिए। इसके बाद दोनों वाहनों को बरामद सामग्री समेत मौके पर सील कर थाना खेरागढ़ पुलिस की सुपुर्दगी में दिया गया। अब प्रयोगशाला जांच के बाद उर्वरक की वास्तविक गुणवत्ता और प्रकृति की स्थिति और स्पष्ट होगी।
पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर
जिला कृषि अधिकारी की ओर से जिलाधिकारी की अनुमति के बाद संदिग्ध उर्वरक की आपूर्ति और वितरण के मामले में मोनू, सूरज, रूपे, विमल लवानियां और हरेन्द्र कुमार के खिलाफ थाना खेरागढ़ में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कार्रवाई आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत की गई है।
कृषि विभाग का कहना है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणित उर्वरक उपलब्ध कराने तथा संदिग्ध उर्वरक की बिक्री और वितरण पर रोक लगाने के लिए अभियान जारी रहेगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।