वर्दी के साथ इंसानियत भी: गरीब घायल के लिए फरिश्ता बने इंस्पेक्टर राजवीर सिंह, खुद किया रक्तदान
हादसे में टूटी बाजू की हड्डी, ऑपरेशन के लिए चाहिए था खून; आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के सामने खड़ा हुआ संकट, सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंचे इंस्पेक्टर
जनपद आगरा:- सड़क हादसे में घायल एक गरीब परिवार के युवक के सामने जब इलाज और ऑपरेशन के लिए रक्त का संकट खड़ा हुआ तो पुलिस अधिकारी ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। सूचना मिलते ही पुलिस उपायुक्त पश्चिमी के रीडर एवं थाना मंटोला के पूर्व प्रभारी निरीक्षक राजवीर सिंह एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे और जरूरतमंद मरीज के लिए स्वयं रक्तदान किया। इंस्पेक्टर के इस कदम ने न केवल एक जरूरतमंद परिवार की मुश्किल आसान की, बल्कि पुलिस की वर्दी के पीछे छिपे मानवीय चेहरे को भी सामने ला दिया।
जानकारी के मुताबिक जनपद आगरा निवासी आरिफ का दो दिन पूर्व थाना एत्मादपुर क्षेत्र में सड़क हादसा हो गया था। दुर्घटना में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के दौरान उसकी बाजू की हड्डी टूट गई थी। उपचार के लिए परिजन उसे एसएन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद ऑपरेशन की सलाह दी।
ऑपरेशन से पहले चिकित्सकों ने आरिफ के लिए रक्त की व्यवस्था करने को कहा। एक तरफ परिवार का सदस्य अस्पताल में जिंदगी और स्वास्थ्य की जंग लड़ रहा था, वहीं दूसरी ओर आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के सामने रक्त की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन गया। आरिफ का परिवार बेहद गरीब है और वर्तमान में उसके परिजन मथुरा में रह रहे हैं। ऐसे में आगरा में अस्पताल में भर्ती आरिफ के लिए तत्काल रक्त की व्यवस्था करना परिजनों के लिए मुश्किल हो रहा था।
रक्त के लिए परेशान थे परिजन, सूचना मिलते ही पहुंचे इंस्पेक्टर
बताया गया कि आरिफ को ऑपरेशन के लिए रक्त की आवश्यकता होने की जानकारी पुलिस अधिकारी तक पहुंची। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस उपायुक्त पश्चिमी के रीडर एवं पूर्व थाना प्रभारी मंटोला राजवीर सिंह ने देर किए बिना मदद का फैसला किया। वह तत्काल एसएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे और आरिफ के लिए स्वयं रक्तदान किया।
जब जरूरत के समय कोई अपना भी साथ देने की स्थिति में न हो, ऐसे समय में एक पुलिस अधिकारी का आगे बढ़कर मदद के लिए हाथ बढ़ाना आरिफ के परिवार के लिए बड़ी राहत बन गया। इंस्पेक्टर राजवीर सिंह ने रक्तदान कर यह साबित किया कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराधियों पर कार्रवाई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय पीड़ित और असहाय व्यक्ति की मदद करना भी पुलिस के मानवीय कर्तव्यों का हिस्सा है।
वर्दी में अधिकारी, दिल से इंसान’ की सामने आई मिसाल
इंस्पेक्टर राजवीर सिंह के इस कार्य की अस्पताल में मौजूद लोगों और आरिफ के परिजनों ने सराहना की। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार के लिए उस समय रक्तदान किसी बड़ी मदद से कम नहीं था। इंस्पेक्टर ने किसी तरह के प्रचार या औपचारिकता के बजाय जरूरतमंद की मदद को प्राथमिकता दी।
आरिफ के परिवार के लिए यह मदद उस समय मिली, जब उन्हें सबसे ज्यादा इसकी जरूरत थी। परिजनों ने इंस्पेक्टर राजवीर सिंह के प्रति आभार जताते हुए कहा कि संकट की घड़ी में उन्होंने जिस तरह आगे बढ़कर मदद की, उसे परिवार कभी नहीं भूल पाएगा।
मानवता का संदेश दे गया रक्तदान
रक्तदान को महादान कहा जाता है, क्योंकि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। आरिफ के मामले में भी रक्त की आवश्यकता के समय इंस्पेक्टर राजवीर सिंह का आगे आना परिवार के लिए उम्मीद की किरण बन गया।
उनके इस कार्य ने यह संदेश भी दिया कि समाज में जरूरतमंद की मदद करने के लिए केवल आर्थिक रूप से सक्षम होना जरूरी नहीं है। यदि इच्छा और संवेदना हो तो किसी की जिंदगी बचाने के लिए किया गया रक्तदान भी सबसे बड़ी मदद साबित हो सकता है।
इंस्पेक्टर राजवीर सिंह द्वारा किए गए इस मानवीय कार्य की पुलिस महकमे के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी चर्चा और सराहना हो रही है। हादसे में घायल आरिफ के लिए जिस समय रक्त की सबसे अधिक जरूरत थी, उस समय एक पुलिस अधिकारी का स्वयं आगे आकर रक्तदान करना वर्दी के साथ इंसानियत की भी एक प्रेरणादायक तस्वीर पेश करता है।