खेरागढ़ से बसपा ने नीरज रावत को बनाया प्रत्याशी, ब्राह्मण चेहरे पर दांव से बढ़ी सियासी हलचल - समाचार RIGHT

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गुरुवार, 17 सितंबर 2026

खेरागढ़ से बसपा ने नीरज रावत को बनाया प्रत्याशी, ब्राह्मण चेहरे पर दांव से बढ़ी सियासी हलचल

खेरागढ़ से बसपा ने नीरज रावत को बनाया प्रत्याशी, ब्राह्मण चेहरे पर दांव से बढ़ी सियासी हलचल

आगरा। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी ने आगरा की खेरागढ़ विधानसभा सीट से नीरज रावत को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। बुधवार को खेरागढ़ के राजमहल गार्डन में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी पदाधिकारियों ने उनके नाम की घोषणा की। नीरज रावत को ब्राह्मण प्रत्याशी बनाए जाने के बाद खेरागढ़ की चुनावी राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।

प्रत्याशी घोषणा के लिए आयोजित जनसभा में मुख्य मंडल प्रभारी प्रताप सिंह बघेल, विक्रम सिंह, विमल वर्मा और हेमेंद्र कुमार समेत पार्टी के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। सम्मेलन में आगरा मंडल, जिला, विधानसभा, सेक्टर और बूथ स्तर के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।

खेरागढ़ सीट के पिछले चुनावी आंकड़ों पर नजर डालें तो 2022 में भाजपा के भगवान सिंह कुशवाहा ने 96,574 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस के रामनाथ सिंह सिकरवार 60,077 वोट के साथ दूसरे और बसपा के गंगाधर कुशवाह 28,988 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे। 

इससे पहले 2017 में भाजपा के महेश कुमार गोयल ने खेरागढ़ सीट पर जीत दर्ज की थी, जबकि बसपा के भगवान सिंह कुशवाहा दूसरे स्थान पर रहे थे। 2012 में भगवान सिंह कुशवाहा ने बसपा के टिकट पर खेरागढ़ सीट जीती थी। 

बसपा के नए प्रत्याशी नीरज रावत के सामने अब 2027 के चुनाव में पार्टी के पिछले प्रदर्शन को बेहतर करने की चुनौती होगी। हालांकि, अन्य प्रमुख दलों की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा और चुनावी रणनीति सामने आने के बाद ही खेरागढ़ सीट की तस्वीर और स्पष्ट होगी। फिलहाल बसपा की ओर से प्रत्याशी घोषित किए जाने के साथ ही विधानसभा क्षेत्र में चुनावी गतिविधियां तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

आगरा की खेरागढ़ सीट के 2022 के परिणामों में भाजपा के भगवान सिंह कुशवाहा विजेता रहे थे और कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही थी। इसलिए 2027 के चुनाव में विभिन्न दलों के प्रत्याशियों और उनके चुनावी मुद्दों के सामने आने के साथ मुकाबले के प्रमुख समीकरण स्पष्ट होंगे। 

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