मुख्य चुनाव आयुक्त के पैतृक आवास पर हंगामे के आरोप में दो कांग्रेस नेता गिरफ्तार
आगरा के विजयनगर स्थित आवासीय क्षेत्र में बिना पूर्व सूचना पहुंचने का पुलिस का आरोप, सीसीटीवी के आधार पर दिल्ली जाते समय पुलिस ने पकड़ा
आगरा के विजयनगर स्थित एक आवासीय कॉलोनी में मुख्य चुनाव आयुक्त के पैतृक आवास पर कथित रूप से अराजकता फैलाने के मामले में पुलिस ने कांग्रेस के दो नेताओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक मौके से फरार होने के बाद सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की तलाश की गई। दिल्ली की ओर जाते समय पुलिस टीम ने पीछा कर अनिल यादव और मुकेश धनगर को उनकी गाड़ी सहित गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार अनिल यादव कांग्रेस के प्रदेश महासचिव (संगठन), आजमगढ़ और मुकेश धनगर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष, मथुरा हैं। पुलिस का आरोप है कि दोनों अपने अन्य साथियों के साथ बिना पूर्व सूचना के विजयनगर स्थित रिहायशी कॉलोनी में पहुंचे और मुख्य चुनाव आयुक्त के पैतृक आवास पर अराजकता एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास किया। पुलिस के पहुंचने पर कुछ लोग मौके से फरार हो गए।
मामले में आगरा पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए थाना हरीपर्वत में अनिल यादव, मुकेश धनगर और उनके अन्य साथियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान और तलाश शुरू की।
पुलिस के मुताबिक इसी कार्रवाई के दौरान दिल्ली की ओर जा रहे अनिल यादव और मुकेश धनगर को पीछा कर गिरफ्तार किया गया। दोनों से प्रकरण के संबंध में पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक पूछताछ में उनके द्वारा पुलिस को बताया गया कि आगरा के बाद वे दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय जाने वाले थे।
पुलिस ने बताया कि अनिल यादव पिछले विधानसभा चुनाव में निजामाबाद, आजमगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी रहे हैं, जबकि मुकेश धनगर पिछले लोकसभा चुनाव में मथुरा से कांग्रेस प्रत्याशी रहे हैं।
पुलिस ने कहा—विरोध का अधिकार, लेकिन तय स्थल पर
आगरा पुलिस ने सभी सामाजिक और राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि लोकतंत्र में विरोध और प्रदर्शन का अधिकार सभी को है, लेकिन इसके लिए निर्धारित धरना एवं प्रदर्शन स्थल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। पुलिस के अनुसार रिहायशी क्षेत्र में आम नागरिकों को परेशान करने या कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की स्थिति में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन निर्धारित स्थल पर ही किया जाना उचित है। मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ के साथ अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।