चांदी का सौदा, भरोसा जीतकर थमाई कागज की गड्डी; दो ठग गिरफ्तार
न्यू आगरा पुलिस ने खोला ठगी का खेल, 10.34 लाख के अप्रचलित नोट, चार हजार की करेंसी, कार और दो मोबाइल बरामद
आगरा में चांदी व्यापारियों को बड़ी रकम के भुगतान का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का न्यू आगरा पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने व्यापारियों को असली रकम का भरोसा दिलाने के लिए ऊपर-नीचे असली नोट लगाकर बीच में अप्रचलित नोट और कोरे कागज भरकर गड्डियां तैयार करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 10 लाख 34 हजार 500 रुपये के अप्रचलित नोट, चार हजार रुपये की प्रचलित करेंसी, एक कार और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
एसीपी हरीपर्वत बजरंग प्रसाद के मुताबिक, 28 सितंबर को एक चांदी व्यापारी ने थाना न्यू आगरा में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। व्यापारी का गोविंदपुरम, गाजियाबाद स्थित एक फर्म से चांदी का कारोबार था। वर्ष 2026 से अमन वर्मा और सचिन वर्मा के माध्यम से उसका व्यापार चल रहा था। व्यापारी के अनुसार, चांदी की सप्लाई लेने के बाद आरोपियों ने करीब एक साल तक भुगतान नहीं किया। रकम के लिए दबाव बनाने पर दोनों ने उसे भगवान टॉकीज के पास बुलाया।
व्यापारी के अनुसार, आरोपियों ने उसे कपड़े में सिली हुई करीब एक लाख रुपये की गड्डी दी। गड्डी के एक हिस्से से 500 रुपये का असली नोट दिखाई दे रहा था। आरोपियों के वहां से जाने के बाद व्यापारी ने गड्डी खोली तो उसके अंदर रकम की जगह कोरे कागज मिले। इसके बाद उसे ठगी का पता चला और उसने पुलिस से शिकायत की।
मुकदमा दर्ज होने के बाद न्यू आगरा पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। मुखबिर तंत्र और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 29 सितंबर को ग्राम बहादुर चौराहे के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन वर्मा पुत्र सरवन वर्मा, निवासी आकाश नगर, गोविंदपुरम, गाजियाबाद और सचिन वर्मा पुत्र विक्कल वर्मा, निवासी शांति नगर, दिल्ली के रूप में हुई है।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले चांदी खरीदने का सौदा करते थे और शुरुआत में कुछ भुगतान असली रकम से कर व्यापारियों का भरोसा जीतते थे। जब बड़ी मात्रा में चांदी हासिल कर लेते तो भुगतान के समय असली रकम की जगह ऐसी गड्डियां थमा देते थे, जिनके ऊपर और नीचे असली नोट लगाए जाते थे, जबकि बीच में अप्रचलित नोट अथवा कोरे कागज भरे होते थे। गड्डियों को कपड़े में सिलकर दिया जाता था, जिससे पहली नजर में वे वास्तविक रकम जैसी दिखाई देती थीं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद कार की तलाशी ली तो उसमें चार संदिग्ध गड्डियां मिलीं, जिनके ऊपर 500 रुपये के असली नोट लगाए गए थे। इसके अलावा 10 लाख 34 हजार 500 रुपये के अप्रचलित नोट, चार हजार रुपये की प्रचलित करेंसी और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।
पूछताछ में पुलिस को दो अन्य संदिग्धों के नाम भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार फरीदाबाद निवासी हरेंद्र और अनस आरोपियों को अप्रचलित नोट उपलब्ध कराते थे। दोनों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस अब मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने चांदी व्यापारियों को इस तरीके से ठगी का शिकार बनाया और गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।