BRICS जैसे वैश्विक मंच पर सवाल उठाना कांग्रेस की संकीर्ण सोच का प्रमाण : के.के. भारद्वाज - समाचार RIGHT

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शुक्रवार, 11 सितंबर 2026

BRICS जैसे वैश्विक मंच पर सवाल उठाना कांग्रेस की संकीर्ण सोच का प्रमाण : के.के. भारद्वाज

BRICS जैसे वैश्विक मंच पर सवाल उठाना कांग्रेस की संकीर्ण सोच का प्रमाण : के.के. भारद्वाज

आगरा। भाजपा नेता के.के. भारद्वाज ने कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के BRICS Summit को लेकर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विश्व के प्रमुख देशों और राष्ट्राध्यक्षों की भागीदारी वाले महत्वपूर्ण वैश्विक मंच की उपयोगिता पर सवाल उठाना कांग्रेस की नकारात्मक, संकीर्ण और विरोधाभासी सोच को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि “BRICS Summit से क्या हासिल होगा?” जैसे सवाल उठाना न केवल भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक प्रयासों को कमतर आंकने का प्रयास है, बल्कि इस मंच से जुड़े अनेक देशों की सहभागिता और समझ पर भी अप्रत्यक्ष टिप्पणी है।
के.के. भारद्वाज ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं को अपना इतिहास भी याद रखना चाहिए। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही भारत BRICS की प्रक्रिया से जुड़ा और वर्ष 2012 में भारत ने BRICS Summit की मेजबानी भी की थी। आज उसी मंच की प्रासंगिकता पर सवाल उठाना कांग्रेस के राजनीतिक दोहरे चरित्र का स्पष्ट प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति हमेशा भारत की उपलब्धियों पर सवाल खड़े करने और देश की क्षमता को कमतर दिखाने की रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक मंचों पर मजबूत, आत्मविश्वासी और प्रभावशाली भूमिका निभा रहा है, लेकिन कांग्रेस को भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा भी रास नहीं आ रही।
के.के. भारद्वाज ने कहा कि जिम्मेदार विपक्ष बनने के बजाय कांग्रेस हर राष्ट्रीय उपलब्धि में राजनीति और हर वैश्विक सफलता में सवाल तलाश रही है। देश की विदेश नीति और राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पर राजनीति करना कांग्रेस की पुरानी आदत बन चुकी है, लेकिन नया भारत अब अपनी ताकत और सामर्थ्य से पूरी दुनिया को जवाब दे रहा है।

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