120 फीट के रावण का हुआ दहन, अट्टहास और अंगारों ने बढ़ाया रोमांच
आगरा। उत्तर भारत की प्रसिद्ध आगरा रामलीला का विजयदशमी पर भव्य समापन हुआ। रामलीला मैदान में भगवान श्रीराम और लंकापति रावण के बीच ऐतिहासिक युद्ध के मंचन के बाद देर रात 120 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। पुतले की आंखों और मुंह की हरकतों के साथ विशेष तकनीकी प्रभावों से निकलता अट्टहास और अंगारों का दृश्य देखकर मैदान में मौजूद हजारों दर्शक रोमांचित हो उठे। रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का भी दहन किया गया।
रावण दहन के दौरान पूरा रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। पुतले में किए गए विशेष तकनीकी प्रभावों ने इस बार के दहन को खास बना दिया। रावण के मुंह और आंखों की हरकत, अट्टहास और अंगारों के दृश्य ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद करीब दो घंटे तक हुई आतिशबाजी से आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा।
राम-रावण युद्ध देखने उमड़ा जनसैलाब
विजयदशमी पर रामलीला मैदान में भगवान श्रीराम और रावण के बीच भीषण युद्ध का मंचन किया गया। दोनों ओर की सेनाएं आमने-सामने थीं और युद्धभूमि में तीरों की बौछार के दृश्य दिखाए गए। राम-रावण युद्ध देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक मैदान में पहुंचे। जैसे-जैसे युद्ध निर्णायक दौर में पहुंचा, दर्शकों का उत्साह भी बढ़ता गया। अंत में भगवान श्रीराम के हाथों रावण वध और इसके बाद पुतला दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश जीवंत हो उठा।
तलवार से हमले के आरोप के बाद मचा हंगामा
भव्य आयोजन के बीच उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब रावण की सेना के सेनापति का किरदार निभा रहे कलाकार पर कथित तौर पर नशे की हालत में भगवान लक्ष्मण का किरदार निभा रहे कलाकार पर तलवार से हमला करने का आरोप लगा। बताया जा रहा है कि सेनापति की भूमिका निभा रहे कलाकार ने लक्ष्मण की भूमिका निभा रहे कलाकार पर कई बार तलवार से वार किए। इससे उनके चोटिल होने की बात सामने आई और वह मंच से चले गए।
कुछ देर बाद लक्ष्मण की भूमिका निभाने वाले कलाकार गुस्से में दोबारा मंच पर पहुंचे। उन्होंने सेनापति की भूमिका निभा रहे कलाकार को तलाशा और कथित तौर पर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद मंच के आसपास अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घटना के दौरान रावण की भूमिका निभा रहे कलाकार को सेनापति के सामने हाथ जोड़ते हुए भी देखा गया। रावण वध का मंचन पूरा होने के बाद कलाकार मंच से चले गए। हालांकि, घटना को लेकर सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
चीन से आए छात्रों ने भी देखी आगरा की रामलीला
आगरा की प्रसिद्ध रामलीला में इस बार विदेशी दर्शकों की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र रही। केंद्रीय हिंदी संस्थान में भारतीय साहित्य का अध्ययन कर रहे चीन के छात्र वांग अपने करीब 10 साथियों के साथ रामलीला देखने पहुंचे।
वांग ने बताया कि वह काफी समय से रामायण और भारतीय संस्कृति के बारे में पढ़ रहे हैं। यूट्यूब, सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से उन्हें आगरा की प्रसिद्ध रामलीला की जानकारी मिली। रामलीला को करीब से समझने के लिए उन्होंने AI की भी मदद ली और इसके बाद आगरा के रामलीला मैदान पहुंचने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि भगवान राम के जीवन और उनके सिद्धांतों से उन्हें प्रेरणा मिलती है। भारतीय संस्कृति और भगवान राम के चरित्र को समझने में उनकी विशेष रुचि है। चीन से आए छात्रों के लिए रामलीला देखना भारतीय परंपरा, धार्मिक कथाओं और सांस्कृतिक विरासत को करीब से अनुभव करने का अवसर रहा।
रावण दहन के साथ जीवंत हुआ अच्छाई की जीत का संदेश
आगरा की ऐतिहासिक रामलीला के अंतिम दिन राम-रावण युद्ध, रावण वध और भव्य पुतला दहन ने विजयदशमी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को जीवंत कर दिया। 120 फीट ऊंचे रावण के पुतले के दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया। रामलीला मैदान में उमड़ी भीड़, युद्ध का भव्य मंचन, विशेष प्रभावों से सजा रावण का पुतला और करीब दो घंटे की आतिशबाजी ने विजयदशमी की रात को यादगार बना दिया।
हालांकि, आयोजन के दौरान कलाकारों के बीच हुए विवाद ने भी लोगों का ध्यान खींचा। इसके बावजूद रावण दहन के साथ आगरा की प्रसिद्ध रामलीला का भव्य समापन हुआ।