उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू, व्यापारियों को ब्याज में 50 से 100 फीसदी तक छूट - समाचार RIGHT

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शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026

उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू, व्यापारियों को ब्याज में 50 से 100 फीसदी तक छूट

उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू, व्यापारियों को ब्याज में 50 से 100 फीसदी तक छूट

15 जनवरी 2027 तक उठा सकेंगे योजना का लाभ, मूल टैक्स जमा करने पर अर्थदंड पूरी तरह माफ; अपर आयुक्त पंकज गांधी ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा

आगरा। पुराने टैक्स बकाये से परेशान व्यापारियों और करदाताओं को राहत देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश ब्याज माफी योजना-2026 लागू कर दी है। योजना के तहत 31 दिसंबर 2025 तक के पुराने कर कानूनों के लंबित बकाये पर ब्याज में 50 से 100 फीसदी तक की छूट दी जा रही है। वहीं, पात्र मामलों में अर्थदंड की पूरी राशि माफ की जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए व्यापारियों को निर्धारित अवधि में अपना मूल टैक्स जमा करना होगा।

शासन की ओर से योजना का आधिकारिक शासनादेश 16 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया है। योजना 15 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी। योजना के तहत बकाया मूलधन की राशि के आधार पर ब्याज में छूट का प्रावधान किया गया है।10 लाख रुपये तक के बकाया मूलधन का पूरा भुगतान करने पर ब्याज में 100 फीसदी छूट मिलेगी और अर्थदंड भी पूरी तरह माफ रहेगा। 10 लाख से एक करोड़ रुपये तक के बकाये पर 90 फीसदी ब्याज माफ होगा और केवल 10 फीसदी ब्याज जमा करना होगा। एक करोड़ से पांच करोड़ रुपये तक के बकाये पर ब्याज में 75 फीसदी छूट मिलेगी, जबकि पांच करोड़ रुपये से अधिक के बकाये पर ब्याज में 50 फीसदी की छूट का प्रावधान है। सभी श्रेणियों में अर्थदंड 100 फीसदी माफ रहेगा।अपर आयुक्त ने अधिकारियों को दिए निर्देशयोजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य कर विभाग आगरा के अपर आयुक्त ग्रेड-1 पंकज गांधी ने सभी खंड के अधिकारियों और अधिवक्ता संघों के साथ बैठक की। 

बैठक में योजना की कार्ययोजना की समीक्षा की गई।

 अपर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ सभी पात्र व्यापारियों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए हेल्प डेस्क स्थापित की गई है, जहां व्यापारियों को योजना से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों को समाचार पत्र, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सिनेमा हॉल, होर्डिंग और बैनर के माध्यम से योजना का प्रचार करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा अधिकारियों को खंडवार पात्र व्यापारियों की सूची तैयार कर उनसे दूरभाष के माध्यम से संपर्क करने और योजना का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।इन पुराने कर कानूनों के मामले होंगे शामिलब्याज माफी योजना-2026 जीएसटी लागू होने से पहले के पुराने कर कानूनों से संबंधित लंबित मामलों पर लागू होगी। इसमें उत्तर प्रदेश व्यापार कर अधिनियम/वैट, केंद्रीय बिक्री कर अधिनियम (सीएसटी), उत्तर प्रदेश प्रवेश कर अधिनियम, मनोरंजन कर एवं आमोद एवं पणकर अधिनियम तथा केबल टेलीविजन नेटवर्क से संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत लंबित बकाये शामिल हैं।

कोर्ट या अपीलीय न्यायाधिकरण में लंबित मामलों में भी निर्धारित शर्तों के तहत योजना का लाभ लिया जा सकता है। इसके लिए संबंधित वाद या अपील वापस लेने संबंधी शपथपत्र प्रस्तुत करना होगा।

ऑनलाइन किया जा सकता है आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए पात्र करदाता ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए वाणिज्य कर विभाग के निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर लॉगिन कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। योजना 16 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 15 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी। विभाग ने पात्र व्यापारियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर योजना का लाभ उठाने की अपील की है।

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