आगरा में महिलाओं की 44 शिकायतों पर सुनवाई, घरेलू हिंसा-दहेज उत्पीड़न के मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश
आगरा। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में महिला जनसुनवाई कर महिलाओं की समस्याएं सुनीं। जनसुनवाई में कुल 44 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें अधिकांश मामले घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, गुजारा भत्ता और पेंशन से संबंधित रहे। अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए निस्तारण की आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
महिलाओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए राज्य महिला आयोग अध्यक्ष ने कई प्रकरणों में संबंधित थानाध्यक्षों से दूरभाष पर वार्ता की और तत्काल कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयोग में प्राप्त प्रत्येक प्रार्थना पत्र का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा।
बबीता चौहान ने कहा कि महिलाओं में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है। यही वजह है कि महिलाएं अपनी समस्याओं को लेकर आयोग और पुलिस तक पहुंच रही हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से पीड़ित महिलाओं की शिकायतों को संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ सुनने की अपील की। उन्होंने कहा कि थानों पर सम्मानजनक व्यवहार और समयबद्ध कार्रवाई से पीड़ित महिलाओं को काफी राहत मिल सकती है।
उन्होंने विवाह से पूर्व युवक-युवतियों और उनके अभिभावकों की काउंसलिंग पर भी जोर दिया। कहा कि आपसी समझ, संवाद और पारिवारिक सामंजस्य को बढ़ावा देने से कई विवादों को शुरुआती स्तर पर ही दूर किया जा सकता है। महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू हिंसा की रोकथाम के लिए पुलिस, समाज और अभिभावकों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।
जनसुनवाई के दौरान महिला कल्याण से जुड़ी सरकारी योजनाओं की भी समीक्षा की गई और अधिकारियों को पात्र महिलाओं तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान एसडीएम नरेंद्र गंगवार, एसीपी सुनीता चौहान, डिप्टी सीएमओ डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति, जिला कौशल प्रबंधक अमित धाकरे, सहायक श्रमायुक्त शगुन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।