आगरा:- दिवाली पर हरित आतिशबाजी की बिक्री के लिए आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने अस्थायी दुकानों के लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शहर में छह स्थानों पर कुल 128 अस्थायी आतिशबाजी की दुकानें लगाने की अनुमति दी गई है। दुकानों के लिए आवेदन प्रक्रिया 30 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है और एक नवंबर तक आवेदन किए जा सकेंगे। निर्धारित संख्या से अधिक आवेदन आने पर दुकानों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।
पांच दिन ही बिकेंगे पटाखे
डीसीपी सिटी के अनुसार दिवाली के दौरान अस्थायी दुकानों से आतिशबाजी की बिक्री 6 नवंबर से 10 नवंबर तक ही की जा सकेगी। इसके बाद इन दुकानों से पटाखों की बिक्री की अनुमति नहीं होगी। दुकानदार केवल अनुमन्य ब्रांड के हरित पटाखों की ही बिक्री कर सकेंगे।
इन छह स्थानों पर लगेंगी दुकानें
जीआईसी मैदान, लोहामंडी — 25 दुकानें
बैपटिस्ट हायर सेकेंडरी स्कूल का खाली मैदान, साईं की तकिया — 10 दुकानें
कंपनी गार्डन, सदर बाजार — 17 दुकानें
शक्तिनगर, सदर बाजार का खाली मैदान — 10 दुकानें
मेहताब बाग पार्किंग के सामने खाली मैदान — 50 दुकानें
यमुना किनारा कॉरिडोर पार्क, रकाबगंज — 16 दुकानें
आवेदन के लिए क्या करना होगा
हरित आतिशबाजी की अस्थायी दुकान के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति को 10 हजार रुपये का बैंक ड्राफ्ट प्रतिसार निरीक्षक, पुलिस लाइंस कमिश्नरेट आगरा के नाम से बनवाना होगा। आवेदन के साथ दो फोटो, आधार कार्ड की छायाप्रति और बैंक ड्राफ्ट की रसीद लगानी होगी।
आवेदन पत्र पुलिस उपायुक्त नगर कार्यालय से प्राप्त किया जा सकता है। आवेदन 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कलक्ट्रेट स्थित डीसीपी सिटी कार्यालय के वाचक कार्यालय में जमा किए जाएंगे। एक व्यक्ति केवल एक ही स्थान के लिए आवेदन कर सकेगा।
4 नवंबर को होगी लॉटरी
किसी स्थान के लिए निर्धारित दुकानों की संख्या से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर 4 नवंबर को सुबह 10 बजे डीसीपी नगर कार्यालय में लॉटरी के माध्यम से दुकानों का आवंटन किया जाएगा। आवंटित दुकान का आकार 10×10 फुट होगा। दुकानों के बीच कम से कम 10 फुट की दूरी रखना अनिवार्य होगा।
अग्निशमन विभाग की एनओसी जरूरी
अस्थायी आतिशबाजी की दुकान लगाने के लिए अग्निशमन अधिकारी से एनओसी लेना अनिवार्य होगा। प्रत्येक दुकानदार को अपनी दुकान में पानी और रेत से भरी कम से कम दो-दो बाल्टियां रखनी होंगी, ताकि किसी आपात स्थिति में तत्काल आग पर काबू पाने की व्यवस्था हो सके।
नियम तोड़ा तो एफआईआर
पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित अवधि के बाद आतिशबाजी की बिक्री नहीं की जा सकेगी। दुकानदार केवल अनुमन्य हरित पटाखों की ही बिक्री करेंगे। नियमों का उल्लंघन करने या प्रतिबंधित आतिशबाजी बेचने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। दिवाली के दौरान आतिशबाजी की दुकानों पर सुरक्षा और अग्निशमन मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए संबंधित विभागों द्वारा निगरानी भी की जाएगी।