आगरा की रेल कनेक्टिविटी सुधारने के लिए सांसदों ने खोला मांगों का पिटारा
वंदे भारत फिर चलाने से लेकर नई रेल लाइन और ट्रेनों के ठहराव तक उठे मुद्दे, तीन साल बाद हुई सांसद-रेलवे बैठक में यात्री सुविधाओं पर भी जोर
आगरा। ताजनगरी की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने और यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान के लिए शुक्रवार को ताज कन्वेंशन होटल में उत्तर मध्य रेलवे के अधिकारियों और सांसदों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल की अध्यक्षता में हुई बैठक में उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह, डीआरएम गगन गोयल समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों ने नई रेल लाइनों, ट्रेनों के ठहराव, बंद सेवाओं को दोबारा शुरू करने, आरओबी-अंडरपास और स्टेशन सुविधाओं से जुड़े कई प्रस्ताव रखे। आगरा मंडल में इस तरह की बैठक करीब तीन साल बाद हुई।
बैठक में राज्यसभा सांसद नवीन जैन और फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर ने आगरा और आसपास के क्षेत्रों की रेल जरूरतों को प्रमुखता से उठाया। नवीन जैन ने आगरा-उदयपुर वंदे भारत को दोबारा शुरू करने तथा ग्वालियर-रतलाम एक्सप्रेस को ग्वालियर के बजाय आगरा से संचालित करने का सुझाव दिया। उनका कहना था कि इससे उज्जैन, इंदौर और रतलाम जाने वाले यात्रियों को सीधी सुविधा मिल सकती है।
आगरा-उदयपुर वंदे भारत फिर चलाने की मांग
राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने आगरा-उदयपुर वंदे भारत सेवा को फिर शुरू करने की मांग उठाई। उन्होंने आगरा कैंट स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार का भी मुद्दा रखा। पार्किंग, पेयजल, प्रतीक्षालय, दिव्यांग यात्रियों की सुविधा, बैठने की व्यवस्था और साफ-सफाई जैसे विषयों पर उन्होंने रेलवे अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। रेलवे अधिकारियों ने कुछ कार्यों के स्वीकृत होने और कुछ प्रस्तावों को आगे भेजे जाने की जानकारी दी।
महाकाल जाने वाले यात्रियों के लिए आगरा से ट्रेन की पैरवी
नवीन जैन ने उज्जैन जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा का हवाला देते हुए ग्वालियर-रतलाम एक्सप्रेस को आगरा से संचालित करने का सुझाव दिया। प्रस्ताव के पीछे आगरा से उज्जैन, इंदौर और रतलाम की ओर जाने वाले यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की बात कही गई।
राजकुमार चाहर ने छह स्थानों पर आरओबी-अंडरपास का मुद्दा उठाया
फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर ने रेलवे क्रॉसिंग से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से रखा। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर आरओबी अथवा अंडरपास बनाए जाने की मांग की, ताकि रेलवे क्रॉसिंग के कारण होने वाली परेशानी और आवागमन संबंधी दिक्कतों को कम किया जा सके। उन्होंने अछनेरा, किरावली, फतेहपुर सीकरी और बिचपुरी समेत कई स्टेशनों पर ट्रेनों के ठहराव की मांग भी रखी।
आगरा से बयाना तक नई रेल लाइन का प्रस्ताव
सांसद राजकुमार चाहर ने आगरा से खेरागढ़, जगनेर और तांतपुर होते हुए बयाना तक नई रेल लाइन के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की मांग की। उन्होंने क्षेत्र में रेल संपर्क बढ़ाने के लिए अन्य संभावित परियोजनाओं पर भी रेलवे अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया। इसके साथ ही ईदगाह-बयाना ईएमयू सेवा दोबारा शुरू करने की मांग भी बैठक में रखी गई।
टूंडला में राजधानी समेत प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग
बैठक में टूंडला स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव का मुद्दा भी उठा। केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कानपुर-दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस के टूंडला में ठहराव की मांग रखी। इसके अलावा आगरा-एटा के बीच ट्रेन के फेरे बढ़ाने और फफूंद स्टेशन पर ट्रेन ठहराव का सुझाव भी दिया गया।
स्टेशनों पर बढ़ेंगी यात्री सुविधाएं
बैठक में ट्रेनों के संचालन और ठहराव के साथ स्टेशन सुविधाओं पर भी जोर रहा। सांसदों ने प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, पूछताछ केंद्र, आरओ वाटर कूलर, शौचालय, साफ-सफाई और अन्य यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के सुझाव दिए। आगरा कैंट और मथुरा जंक्शन समेत प्रमुख स्टेशनों के विकास और पुनर्विकास से जुड़े विषय भी चर्चा में रहे।
रेलवे के अनुसार आगरा कैंट और मथुरा जंक्शन को स्टेशन पुनर्विकास योजना में शामिल किया गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चयनित 15 स्टेशनों में छह पर काम पूरा होने की जानकारी भी बैठक में साझा की गई।
तीन साल बाद हुई बैठक पर नवीन जैन ने ली चुटकी
बैठक के दौरान राज्यसभा सांसद नवीन जैन ने रेलवे और जनप्रतिनिधियों के बीच होने वाली बैठकों की नियमितता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि हर साल प्रस्तावित होने वाली बैठक तीन साल बाद हो रही है। उनकी टिप्पणी के जरिए क्षेत्र की रेल समस्याओं पर नियमित संवाद की जरूरत सामने आई।
बैठक में रखे गए प्रस्तावों से साफ है कि आगरा के जनप्रतिनिधियों ने नई रेल सेवाओं और ट्रेनों के ठहराव के साथ-साथ स्टेशन सुविधाओं तथा बुनियादी रेल ढांचे से जुड़े मुद्दों को भी प्राथमिकता दी है। अब इन प्रस्तावों पर रेलवे बोर्ड और संबंधित स्तरों से होने वाली कार्रवाई पर यात्रियों की नजर रहेगी।