बस की डिग्गी काटकर चांदी के कट्टे उड़ाने वाला अंतरराज्यीय गैंग बेनकाब, पांच गिरफ्तार - समाचार RIGHT

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शनिवार, 10 अक्टूबर 2026

बस की डिग्गी काटकर चांदी के कट्टे उड़ाने वाला अंतरराज्यीय गैंग बेनकाब, पांच गिरफ्तार

बस की डिग्गी काटकर चांदी के कट्टे उड़ाने वाला अंतरराज्यीय गैंग बेनकाब, पांच गिरफ्तार

पूर्व चालक ने दी ट्रैवल्स और माल की जानकारी, कार से रेकी और बस में सवार होकर दिया वारदात को अंजाम; 16.365 किलो सफेद धातु, दो कारें, मोबाइल और नकदी बरामद

आगरा। रात का सफर था। बस वाराणसी की ओर बढ़ रही थी और यात्रियों को भनक तक नहीं थी कि उनकी बस की डिग्गी में रखा लाखों रुपये का माल शातिरों के निशाने पर है। ट्रैवल्स की रेकी पहले ही की जा चुकी थी। चांदी के कट्टों की जानकारी थी और गिरोह ने वारदात को अंजाम देने के लिए बाकायदा पूरी योजना तैयार कर रखी थी। एक कार बस के पीछे चल रही थी, जबकि गिरोह के सदस्य बस के भीतर सवार थे। इटावा के पास होटल पर बस रुकी और चालक-परिचालक खाना खाने के लिए नीचे उतरे तो आरोपियों ने कथित तौर पर डिग्गी की प्लाई काटकर चांदी के दो कट्टे निकाल लिए और कार में रखकर फरार हो गए।

अब आगरा पुलिस ने इस वारदात का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। थाना रकाबगंज पुलिस और सर्विलांस सेल नगर जोन की संयुक्त टीम ने नौ अक्टूबर को डॉ. आंबेडकर मेट्रो स्टेशन के पास से पांच आरोपियों को पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, उनके कब्जे से 16 किलो 365 ग्राम सफेद धातु के आभूषण और सिल्ली, दो कारें, चार मोबाइल फोन तथा 49 हजार रुपये बरामद किए गए हैं।

छह कट्टे बुक हुए, वाराणसी पहुंचे सिर्फ चार

पुलिस के मुताबिक आजमगढ़ निवासी चंदन सिंह वाराणसी में चांदी का कारोबार करते हैं। उन्होंने 25 अगस्त को संजय ट्रैवर्ल्स के माध्यम से अपने कर्मचारी रिहान अली के नाम पर चांदी के छह कट्टे वाराणसी भेजने के लिए बुक कराए थे। अगले दिन वाराणसी में माल पहुंचा तो छह में से केवल चार कट्टे ही मिले। दो कट्टे रास्ते से गायब थे।

व्यापारी ने अपने स्तर से माल की तलाश की, लेकिन सुराग नहीं मिला। इसके बाद 11 सितंबर को थाना रकाबगंज में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बस के रूट, ठहराव, ट्रैवल्स से जुड़े लोगों और संदिग्ध गतिविधियों की जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के अनुसार वारदात की कड़ियां एक ऐसे व्यक्ति तक पहुंचीं, जिसे ट्रैवल्स के कामकाज और माल की आवाजाही की जानकारी थी।

पूर्व चालक ने बताई माल की जानकारी, ऐसे बनी चोरी की योजना

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार छोटू उर्फ बैजनाथ पूर्व में संजय ट्रैवर्ल्स में चालक रह चुका था। आरोप है कि उसे ट्रैवल्स की कार्यप्रणाली और चांदी के माल की आवाजाही के बारे में जानकारी थी। पुलिस का दावा है कि इसी जानकारी के आधार पर उसने राहुल उर्फ नवल सिंह और महेंद्र के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई।

इसके बाद गिरोह ने सफारी कार से ट्रैवल्स की रेकी की। पुलिस के अनुसार 25 और 26 अगस्त की रात महेंद्र, नीरज और गगन रावत बस में सवार हुए, जबकि राहुल उर्फ नवल सिंह कार से बस के पीछे चलता रहा। यानी बस के अंदर मौजूद सदस्यों और बाहर से निगरानी कर रहे साथी के बीच तालमेल के जरिए वारदात को अंजाम देने की तैयारी थी।

होटल पर मिला मौका, डिग्गी की प्लाई काटकर निकाले कट्टे

पुलिस की जांच में सामने आया कि बस इटावा के पास एक होटल पर रुकी थी। चालक और परिचालक खाना खाने के लिए नीचे उतर गए। इसी दौरान आरोपियों ने कथित तौर पर बस की डिग्गी की प्लाई काटी और चांदी के दो कट्टे निकाल लिए। माल को पीछे चल रही कार में रखा गया और आरोपी वहां से निकल गए।

बस आगे वाराणसी की ओर बढ़ती रही, लेकिन डिग्गी में रखे दो कट्टे अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। शुरुआत में चोरी का कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला। पुलिस ने बस के रूट, आरोपियों की गतिविधियों और कार की आवाजाही से जुड़े सुरागों को जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई और पांच संदिग्धों तक पहुंचने का दावा किया।

पहचान मिटाने के लिए चांदी गलवाकर बनाई सिल्ली

पुलिस के मुताबिक चोरी की गई चांदी की पहचान छिपाने के लिए उसका कुछ हिस्सा गलवाकर सिल्ली में तब्दील किया गया। पूछताछ में महेंद्र और गगन द्वारा चांदी गलवाकर सिल्ली बनवाने की जानकारी दिए जाने की बात पुलिस ने कही है। टीम ने आरोपियों के कब्जे से आभूषणों के साथ सफेद धातु की सिल्ली भी बरामद की है।

बरामदगी में 16 किलो 365 ग्राम सफेद धातु के आभूषण एवं सिल्ली, टाटा सफारी और महिंद्रा एक्सयूवी कार, चार मोबाइल फोन और 49 हजार रुपये शामिल हैं।

यूपी, एमपी और राजस्थान तक जुड़े आरोपियों के तार

गिरफ्तार आरोपियों के पते अलग-अलग राज्यों के हैं। पुलिस के अनुसार महेंद्र और राहुल उर्फ नवल सिंह मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के रहने वाले हैं। गगन रावत और नीरज ग्वालियर जिले के निवासी बताए गए हैं, जबकि छोटू उर्फ बैजनाथ राजस्थान के धौलपुर जिले का रहने वाला है।

इस वजह से पुलिस मामले को अंतरराज्यीय गिरोह से जोड़कर जांच कर रही है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने इससे पहले भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम दिया था या नहीं। साथ ही चोरी के माल को खपाने और चांदी गलवाने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।

संयुक्त टीम की कार्रवाई, पांच आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक नौ अक्टूबर को डॉ. आंबेडकर मेट्रो स्टेशन के पास से महेंद्र, राहुल उर्फ नवल सिंह, गगन रावत, नीरज और छोटू उर्फ बैजनाथ को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई में थाना रकाबगंज के थानाध्यक्ष योगेश कुमार, सर्विलांस सेल नगर जोन प्रभारी अभिषेक तिवारी, बालूगंज चौकी प्रभारी श्याम सुंदर समेत पुलिस टीम शामिल रही।

बस की डिग्गी काटकर चांदी के कट्टे गायब करने के मामले में पांच आरोपियों की गिरफ्तारी और बड़ी बरामदगी के बाद पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी है। जांच में यह भी सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी का माल कहां-कहां खपाया गया और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका क्या रही।

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