सखियों संग मां गौरा के पूजन को निकलीं जनकदुलारी सीता, जनकपुरी बनी भावना एस्टेट - समाचार RIGHT

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बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

सखियों संग मां गौरा के पूजन को निकलीं जनकदुलारी सीता, जनकपुरी बनी भावना एस्टेट

सखियों संग मां गौरा के पूजन को निकलीं जनकदुलारी सीता, जनकपुरी बनी भावना एस्टेट

आगरा। “पूजन गौरि सखीं लै आईं, करत प्रकासु फिरहिं फुलवाईं...” श्रीरामचरितमानस की यह चौपाई मंगलवार को आगरा की जनकपुरी बने भावना एस्टेट में मानो साक्षात जीवंत हो उठी। रामबरात के आगमन से पहले जनकनंदिनी माता सीता सखियों के साथ मां गौरा के पूजन के लिए डोले में निकलीं तो पूरा भावना एस्टेट मिथिला की भक्ति, आस्था और उल्लास से सराबोर हो गया। डोले के मार्ग पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, गूंजते जयकारे और पुष्पवर्षा का दृश्य ऐसा था, मानो त्रेता युग का जनकपुर एक बार फिर धरती पर उतर आया हो।

भावना एस्टेट की सड़कों पर सजी भव्य जनकपुरी अपनी अनुपम छटा बिखेर रही थी। जगमगाती रोशनी, आकर्षक थ्री-डी झांकियां, भव्य जनक मंच और सजे हुए मार्ग ने पूरे परिसर को मिथिला की राजसी नगरी का स्वरूप दे दिया। गणपति किंग्स काउंटी से माता जानकी का डोला उठा तो दर्शन के लिए सड़क के दोनों ओर श्रद्धालुओं की कतारें लग गईं। जनकदुलारी की एक झलक पाने को हर कोई आतुर नजर आया।

गणपति ने की अगवानी, जनक बांटते चले विवाह का न्योता

माता जानकी के डोले की अगवानी गणेश जी की सवारी ने की। इसके पीछे राजा जनक और रानी सुनैना के स्वरूप में अशोक कुमार गोयल और लता गोयल आगे-आगे चलते हुए मिथिलावासियों को अपनी जनकनंदिनी के विवाह का न्योता देते रहे। राम-जानकी विवाहोत्सव में शामिल होने का निमंत्रण देते हुए जनक परिवार जनकपुरी की ओर बढ़ता रहा।

इसके पीछे सखियों से घिरीं माता जानकी का डोला चल रहा था। डोले के पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर जनकदुलारी का स्वागत किया। “जय सियाराम” और “जय माता जानकी” के जयकारों से पूरा मार्ग गूंजता रहा।

गणपति किंग्स काउंटी में भक्ति का दिखा अद्भुत संगम

माता जानकी का डोला गणपति किंग्स काउंटी से रवाना हुआ तो यहां श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई दिया। अंतरराष्ट्रीय भजन गायक सीपी शर्मा की भजन प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बनाए रखा। गणपति किंग्स काउंटी के सदस्यों ने माता जानकी के स्वरूप को डोली में उठाकर स्वयं को धन्य महसूस किया।

मुख्य संयोजक मनोज बंसल के नेतृत्व में माता जानकी और जनक परिवार का भव्य स्वागत किया गया। पूरे परिसर में दक्षिण भारतीय परंपरा की विशेष झलक दिखाई दी। पारंपरिक परिधानों में सजे लोगों ने आयोजन की सांस्कृतिक भव्यता में चार चांद लगा दिए। इस अवसर पर मनोज बंसल, प्रशांत जैन, हेमेन्द्र जैन, अवधेश मित्तल, केके अग्रवाल, अंकुर मित्तल, स्वामीनाथ तिवारी, राकेश अग्रवाल और सुधांशु कक्कड़ आदि मौजूद रहे।

मां गौरा के दरबार पहुंचीं जनकनंदिनी

सखियों के साथ मां गौरा के पूजन के लिए निकलीं जनकनंदिनी का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए भावविभोर कर देने वाला रहा। डोले के साथ चल रहे श्रद्धालु माता सीता के मंगल विवाह और प्रभु श्रीराम के साथ उनके पावन मिलन की कामना करते रहे। ओंकारेश्वर मंदिर पहुंचकर सीताजी ने मां गौरा का विधि-विधान से पूजन किया।

मान्यता है कि विवाह से पूर्व माता सीता ने सखियों के साथ मां गौरा की आराधना कर अपने मन की कामना व्यक्त की थी। मां गौरा ने उन्हें प्रभु श्रीराम को पति रूप में प्राप्त करने का आशीर्वाद दिया। इसी पौराणिक परंपरा को जनकपुरी महोत्सव में श्रद्धा और भव्यता के साथ जीवंत किया गया।

किशोर बैंड की धुन पर थिरका मिथिला

डोले के साथ चल रहे किशोर बैंड ने भजनों की मधुर धुन बिखेरी तो माहौल और भी भक्तिमय हो गया। भक्ति गीतों पर मिथिलावासी झूम उठे। माता जानकी की सखियां और बड़ी संख्या में महिलाएं डोले के साथ चलती रहीं।

जनकपुरी महिला समिति की अध्यक्ष अमृता पोरवाल के नेतृत्व में महिलाओं की टोली सतरंगी साड़ियों की एकरूपता में सजी नजर आई। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाओं की टोली शोभायात्रा का विशेष आकर्षण रही।

जनकपुरी की भव्य सजावट ने मोहा मन

भावना एस्टेट में तैयार की गई जनकपुरी की भव्यता देखते ही बन रही थी। रोशनी से जगमगाता पूरा मार्ग मानो किसी दिव्य नगरी में बदल गया था। सड़क के किनारे सजी थ्री-डी झांकियां लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रही थीं। भव्य जनक मंच मिथिला की राजसी संस्कृति का एहसास करा रहा था।

जैसे-जैसे माता जानकी का डोला आगे बढ़ा, श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती चली गई। डोले के सामने आते ही लोग हाथ जोड़कर नमन करते और पुष्पवर्षा कर जनकदुलारी का स्वागत करते रहे।

जनक परिवार भी रहा शोभायात्रा में शामिल

राजा जनक अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना के साथ जनक परिवार के सदस्यों ने भी शोभायात्रा में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। शोभिक गोयल, मोहित गोयल, स्मृति गोयल, रिनी गोयल, कमल नयन, सुनीता मित्तल, अनुप्रिया गोयल, मंजू बंसल, रामू गोयल, नरेश मगाल, शुभम अग्रवाल, शैंकी बंसल, शिल्पी बंसल, शिप्रा जैन, निक्की अग्रवाल, मंगू बंसल और आयुषी बंसल आदि मौजूद रहे।

बुधवार सुबह होगा रामबरात का भव्य स्वागत

जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव ने बताया कि बुधवार सुबह रामबरात का भव्य स्वागत किया जाएगा। सुबह छह बजे गणपति किंग्स काउंटी में रामबरात का स्वागत होगा। इसके बाद सुबह आठ बजे अल्पाहार के पश्चात प्रभु श्रीराम सहित सभी स्वरूप रजत रथ पर विराजमान होकर जनमासा की ओर बढ़ेंगे और कावेरी कौस्तुभ की ओर जाते हुए मिथिलावासियों को दर्शन देंगे।

सुबह 11 बजे भावना एस्टेट स्थित भावनेश्वर मंदिर में तुलसी-शालिग्राम विवाह की रस्में विधि-विधान से संपन्न होंगी। शाम को भव्य जनक मंच पर श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम, माता जानकी सहित सभी स्वरूपों के दर्शन होंगे। सांस्कृतिक मंच पर नासिक का लाइव बैंड गणेश वंदना प्रस्तुत करेगा, जबकि इंडिया गॉट टैलेंट की टीम हनुमान स्तुति की विशेष प्रस्तुति देगी।

सखियों के रूप में शामिल हुईं महिलाएं

सीताजी के डोले में रेखा यादव, अनीता यादव, अमृता पोरवाल, साधना गुप्ता, प्रीति, आरती शर्मा, शीतल अग्रवाल, एकता बंसल, शुचि खंडेलवाल, अलका गोयल, खुशबू गोयल, रुचि बंसल, शिल्पी मित्तल, शालिनी जैन, अनीशा शर्मा, मिशी यादव, रितु दुबे, सोनाली गोयल, शिवानी जैन, सीमा सिंह, प्रीती शर्मा, निधि मंगल, आकांक्षी शर्मा, रितु, सिम्मी, संगीता, चारु, चित्रा, रश्मि, ज्योति और अनुराधा आदि सखियों के रूप में शामिल रहीं।

इस अवसर पर संतोष कटारा, अशोक कुमार गुप्ता, संजय गोयल, मनोज बंसल, अजय गर्ग अवागढ़, धर्मेश जैन, मनोज जादौन, हितेश लवानिया, राणा सुशील सिंह, आकाश वाला, अंकुश मित्तल, पार्षद वेद प्रकाश गोस्वामी, नरेंद्र सिंह सेंगर, सतीश ठाकुर, अरविंद शर्मा, नरेंद्र गुप्ता, प्रशांत जैन और अरुण तिवारी आदि मौजूद रहे।

भावना एस्टेट में साकार हुई मिथिला की यह झांकी सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और संस्कृति का ऐसा संगम रही, जिसने आगरा को कुछ घंटों के लिए त्रेता युग के जनकपुर में बदल दिया। जनकदुलारी के गौरा पूजन के साथ अब मिथिलावासियों की निगाहें बुधवार को होने वाली ऐतिहासिक रामबरात और श्रीराम-जानकी विवाह की रस्मों पर टिकी हैं।


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