महंगाई में कैसे चले परिवार? 2 से 4 हजार में गुजारा करने को मजबूर आगरा के मीटर रीडर, एमडी से लगाई न्याय की गुहार
जनपद आगरा:- दक्षिंचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (सिकंदरा, आगरा) के अंतर्गत कार्यरत मीटर रीडरों ने अपनी विभिन्न गंभीर समस्याओं, अत्यधिक कम मानदेय और कार्य के अनुरूप उचित पारिश्रमिक न मिलने के विरोध में अब मुखर होना शुरू कर दिया है। एत्मादपुर खंड कार्यालय के समस्त मीटर रीडरों ने इस संबंध में दक्षिंचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए तुरंत उचित कदम उठाने की मांग की है।
ज्ञापन के माध्यम से मीटर रीडरों ने बताया कि वे उपभोक्ताओं के घर-घर जाकर मीटर रीडिंग लेने, बिलिंग संबंधी कार्य करने, मोबाइल और ऑनलाइन माध्यम से डेटा उपलब्ध कराने तथा विभाग द्वारा समय-समय पर सौंपे जाने वाले अन्य सभी दायित्वों को पूरी निष्ठा व ईमानदारी के साथ निभाते हैं। इस कार्य को पूरा करने में उनका प्रतिदिन काफी समय, शारीरिक श्रम, यात्रा और व्यक्तिगत खर्च होता है। इन सबके बावजूद, निजी कंपनियों के माध्यम से मीटर रीडरों को मात्र 2,000 से 4,000 प्रति माह का अत्यंत न्यूनतम भुगतान प्राप्त हो रहा है। मीटर रीडरों का कहना है कि वर्तमान महंगाई के इस दौर में इतनी कम आय में परिवार की मूलभूत आवश्यकताओं, बच्चों की पढ़ाई, भोजन, मकान के खर्च और अन्य घरेलू जिम्मेदारियों का निर्वहन करना पूरी तरह असंभव हो गया है।
ज्ञापन में इस बात पर जोर दिया गया है कि मीटर रीडर विद्युत विभाग की बिलिंग व्यवस्था की एक अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सही और समय पर मीटर रीडिंग उपलब्ध होने से ही उपभोक्ताओं को सही बिल प्राप्त होते हैं और विभाग की राजस्व व्यवस्था भी सुचारू रूप से आगे बढ़ती है। इसलिए विभाग के लिए यह आवश्यक है कि वह मीटर रीडरों के कार्यों और जिम्मेदारियों को देखते हुए उनके हितों पर गंभीरता से विचार करे।
ज्ञापन में उठाई गईं प्रमुख मांगें: सम्मानजनक मानदेय: मीटर रीडरों के कार्य और जिम्मेदारी के अनुरूप एक सम्मानजनक एवं उचित मासिक मानदेय निर्धारित किया जाए। पारिश्रमिक की समीक्षा: वर्तमान में मिलने वाले अत्यंत कम भुगतान की उच्चस्तरीय समीक्षा की जाए ताकि वे अपने परिवार की मूलभूत जरूरतों को सम्मानपूर्वक पूरा कर सकें।
नियमितता और पारदर्शिता: निजी कंपनियों के माध्यम से होने वाले भुगतान में नियमितता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए तथा भुगतान समय पर कराया जाए। खर्चों का उचित प्रावधान: मोबाइल, इंटरनेट, यात्रा और अन्य आवश्यक कार्यों में होने वाले खर्चों को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्था की जाए। व्यावहारिक लक्ष्य: मीटर रीडरों पर निर्धारित किए जाने वाले कार्य व लक्ष्यों को व्यावहारिक एवं मानवीय आधार पर रखा जाए तथा उन पर से अनावश्यक दबाव को कम किया जाए।
रोजगार की सुरक्षा और पीएफ-ईएसआई: मीटर रीडरों के लिए सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित की जाएं तथा निजी कंपनियों द्वारा पी.एफ. व ई.एस.आई. की कटौती आदि को लेकर स्पष्ट और न्यायसंगत व्यवस्था हो। विभागीय स्तर पर सुनवाई: समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए समय-समय पर विभागीय स्तर पर बैठक और सुनवाई की व्यवस्था की जाए ताकि वास्तविक समस्याएं सीधे उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आ सकें।
मीटर रीडरों ने स्पष्ट किया है कि उनकी यह मांगें किसी भी प्रकार के विवाद या विरोध के लिए नहीं हैं, बल्कि उनके सम्मानजनक जीवन और परिवार के भरण-पोषण के लिए हैं। उन्होंने प्रबंध निदेशक से आग्रह किया है कि आगरा जनपद के समस्त मीटर रीडरों की इन समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए सकारात्मक पहल की जाए। इस ज्ञापन पर मनीष कुमार, सद्दाम हुसैन, मोहम्मद यूसुफ, नरेश कुमार, ध्रुव कुमार, रवि कुमार, नंद किशोर, राम बाबू, प्रेम सिंह, अमर सिंह सहित एत्मादपुर खंड कार्यालय के दर्जनों मीटर रीडर शामिक रहे।