हालातों के आगे आत्मसमर्पण करने की बजाय उनको बदलकर अपने पक्ष में करने वाले ही विजेता बनते हैं-इंजीनियर लख्मीचंद यादव। - समाचार RIGHT

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सोमवार, 15 फ़रवरी 2021

हालातों के आगे आत्मसमर्पण करने की बजाय उनको बदलकर अपने पक्ष में करने वाले ही विजेता बनते हैं-इंजीनियर लख्मीचंद यादव।

हालातों के आगे आत्मसमर्पण करने की बजाय उनको बदलकर अपने पक्ष में करने वाले ही विजेता बनते हैं-इंजीनियर लख्मीचंद यादव।

बड़ी सफलता तभी मिलती है जब आपके भीतर जल रही आग आपके चारों और जल रही आग से कहीं अधिक तेज हो।

धनवान व्यक्ति वही है जो अपने पास एकत्र धन-संपत्ति का उपयोग नेक कार्यों के लिए करे। वरना तो वह उस धन का चौकीदार बनकर ही रह जाएगा और एक दिन उसे रखाता हुआ ही मर जाएगा ।

मौका परस्ती दुनिया मे वक्त उतना ही देना चाहिए किसी को जितनी जरूरत हो,वरना ना आपकी कदर होगी, और ना ही आपके वक्त की अहमियत होगी क्योकि इस बात के हम खुद भी भुगत भोगी हैं।

कदर किया करो उनकी जो तुम्हारे बुरे रवैये के बाद भी तुमसे अच्छे से बात करते हैं तुमसे सम्बंध भी अच्छे से रखते हैं।

अफसोस है कि कोई कीमत अतीत को नही बदल सकती हैं,और चिंता की कोई कीमत भविष्य को नही बदल सकती है इस लिए बेधड़क होकर जीवन जिए और पुण्य के कार्य जरूर करे और असहाय गरीबो की हर सम्भव मदद  भी जरूर करे हम समझते हैं आप हर बड़े से बड़े संकट से भी रहेंगे मुक्त।

देखिए कोई कागज रद्दी बन जाता है तो कोई कागज गीता, कुरान, बाइबिल,बन जाता है वही कोई पत्थर ठोकर खाता रहता है तो कोई पत्थर भगवान बनकर पूजता है ये सब कर्मो के ही तो फेर है कर्म ही पूजा है कर्म से बड़ा पूण्य और कोई भी हैं ही नही इस लिए आप भी अच्छे कर्म करे और अपने अनमोल जीवन को रोगमुक्त करे।

वक्त अच्छा हो तो दुनिया को पता चलता है कि आप कैसे हो,और जब वक्त बुरा हो तो आपको पता चलता है कि ये दुनिया कैसी है.?

संघर्ष और जनसेवा हैं हमारा लक्ष्य।

इंजीनियर लख्मीचंद यादव राष्ट्रिय अध्य्क्ष भारतीय जनसेवा मिशन सम्पर्क-9927530581।

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