टीम पापा ने सेंट पैट्रिक सहित निजी विद्यालयों की जिलाधिकारी से की शिकायत
आगरा निजी विद्यालयों की मनमानियों पर अंकुश लगाने को लेकर प्रोग्रेशिव एशोसिएशन ऑफ पेरेंट्स टीम पापा के संस्थापक मनोज शर्मा व शोभित जेतली ने, सेंट पैट्रिक सहित अन्य विद्यालयों की शिकायत को लेकर जिला अधिकारी के नाम एक शिकायत पत्र अपर जिला अधिकारी नगर अनूप कुमार को सौपा ,
पत्र में शिकायत करते हुये संस्था ने कहा है ,
आदेशो को हवा में उड़ा कर शुल्क वापिस करने की बजाय, चंद विद्यार्थियों को किया हुआ शुल्क भी पुनः वापिस माँग रहे हैं विद्यालय,
आगरा का प्रख्यात छात्रा विद्यालय बाजीरपुरा रोड स्तिथ सेंट पैट्रिक आईसीएसी बोर्ड ,
विद्यालय छात्राओं से उस शुल्क राशि को वापिस करने के लिए कह रहा है, जो कि जो कि संस्था के मा0 उच्च न्यालय के याचिका संख्या 1196 - 2020 पर दिनाँक 6 जनवरी 2023 के आदेश तहत सत्र 2020/21 के सालाना शुल्क की 15% प्रतिशत शुल्क राशिबवापिस की गई थी, जिस पर उत्तर प्रदेश सरकार का शाशन आदेश भी जारी हो चुका था ( प्रतिलिपि सलग्न ),
विद्यालय का कहना है उच्च न्यायालय के शुल्क वापिसी के आदेश पर मा0 उच्चतम न्यायालय ने रोक लगा दी है, जबकि मा0 उच्चतम न्यायालय ने मात्र उन विद्यार्थियों के शुल्क वापिसी पर रोक लगाई है , जो विद्यालय छोड़ कर जा चुके हैं, वर्तमान में विद्यालयों में अध्यन कर रहें विद्यार्थियों के लिये शुल्क वापिसी पर रोक नही लगाई है, ( आदेश प्रतिलिपी सलग्न ) मा0 उच्चतम न्यायालय का यह आदेश भी मात्र एक विद्यालय के लिये था, जिसे पूरे उत्तर प्रदेश के लिये मान लिया गया, जब कि जिस विद्यालय ने अपील दाखिल की है ,मा0 न्यायालय ने मात्र उस विद्यालय को तमाम दस्तावेज जमा करने के आदेश भी दिए है, पूरे उत्तर प्रदेश के विद्यालयों के लिये नही दिये हैं, उत्तर प्रदेश सरकार का इस पर कोई शाशन आदेश भी नही आया है, फिर भी लगभग 90 % प्रतिशत निजी विद्यालय विद्यार्थियों का मा0 उच्च न्यालय के आदेश का पालन न करते हुये शुल्क की वापिस नही कर रहे हैं, व लगातार विद्यालय अविभावकों पर तरह तरह से फीस न वापिस करने के लिये रोड़े अटका रहे थे,
जैसे कि फीस वापिस करने में एक्सपाइरी डेट देना , उस तारीख के बाद फीस वापिस नही होगी , पुरानी रशीद दिखाओ आदि बहाने कर शुल्क वापिसी रोकने का प्रयास कर रहे थे, अब मा0 उच्चतम न्यायालय के मात्र एक विद्यालय के आदेश जिसमे मात्र जो विद्यार्थी विद्यालय छोड़ गए हैं उनके शुल्क वापिस पर रोक को अविभावकों के बीच यह अफवाह फैलाकर की सुप्रीम कोर्ट ने फीस वापिसी पर रोक लगा दी है, फीस वापिस नही कर रहे हैं,
दिनाँक 10 अगस्त 2023 को संस्था से अविभावकों ने नई शिकायत की और बताया सेंट पैट्रिक विद्यालय ने जिन जिन मात्र कुछ अविभावकों को कोर्ट के आदेश से छूट की फीस लौटाई थी वह वापिस माँग रहा है, गियारवी की छात्राओं से विद्यालय ने किसी तरह के फार्म भी भरवाये हैं, ( विद्यार्थियों को मौखिक कहा जा रहा है )
संस्था आपसे अनुरोध करती है , उक्त विद्यालय ऐसे अनुचित फरमान पर तत्काल संज्ञान लेते हुये विद्यालय दुवारा वापिस माँगे गये शुल्क पर विद्यालय को रोक के आदेश अविलंब जारी हों व संधर्ब की जाँच कर उचित कार्यवाही की जाये,
संस्था अनुरोध करती है , मा0 उच्च न्यायालय व उत्तरप्रदेश सरकार के आदेश को अविलंब पालन कराते हुये सत्र 2020/21 की 15 प्रतिशत फीस वापिस करने के कड़े आदेश समय सीमा बना कर अभिभावक हित/ जनहित में प्रकाशित करवा कर जारी किये जायें जिससे लाभार्थियों को लाभ प्राप्त हो सकें, व निजी विद्यालयों की मनमानियों पर रोक लग सके ।