आगरा में साइबर अपराधों का बढ़ता खतरा: 2025 में 759 लोग बने ठगी का शिकार
आगरा में वर्ष 2025 के दौरान साइबर अपराधों ने चिंताजनक रूप ले लिया। पूरे साल में 759 लोग साइबर ठगी के शिकार बने और कुल 29.55 करोड़ रुपये की ठगी सामने आई। साइबर पुलिस के अनुसार ठगों ने लोगों की मनोवैज्ञानिक कमजोरियों, तेजी से पैसा कमाने की लालच और कानूनी कार्रवाई का डर का सबसे ज्यादा फायदा उठाया।
ठगों ने शेयर बाजार, क्रिप्टोकरेंसी, सोना या ऑनलाइन ट्रेडिंग में ऊंचे मुनाफे का लालच देकर लोगों को ठगा। साइबर ठगों ने फर्जी ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट, व्हाट्सएप/टेलीग्राम ग्रुप में “इनसाइडर टिप्स”, शुरुआती छोटे रिटर्न देकर भरोसा जीतना और फिर बड़ी रकम निवेश करवाकर संपर्क तोड़ देना की रणनीति अपनाई।
साइबर पुलिस ने कई मामलों में तत्परता दिखाते हुए 5.66 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस कराए। 104 साइबर ठग गिरफ्तार किए गए। 7742 मोबाइल IMEI नंबर, 1928 मोबाइल नंबर ब्लॉक कराए गए।
साइबर ठगी से बचने के लिए:
- अत्यधिक रिटर्न का दावा करने वाले निवेश से बचें
- अनजान लिंक या ऐप डाउनलोड न करें
- ओटीपी, सीवीवी, पिन किसी से साझा न करें
- किसी भी “डिजिटल अरेस्ट” कॉल की तुरंत स्थानीय पुलिस से पुष्टि करें