आगरा ताज महोत्सव में गौमाता की महिमा का हुआ गान
आगरा ताज महोत्सव के अंतर्गत आयोजित संगोष्ठी में गौमाता के धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक महत्व पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने गौसेवा को सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भरता का माध्यम बताया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गौसेवा गतिविधि के क्षेत्र संयोजक हरीशंकर शर्मा ने कहा कि गौमाता केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव और आत्मनिर्भरता की आधारशिला भी है। उन्होंने पंचगव्य, गौअर्क और गौ-चिकित्सा के लाभों पर प्रकाश डालते हुए कामधेनु अनुसंधान केंद्र के विभिन्न प्रकल्पों और गौ-आधारित उत्पादों की जानकारी दी।
गौसेवी एवं भाजपा नेता संजय शर्मा ने गौसेवा को आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए बताया कि गौघृत उत्पादन और अन्य गौ-उत्पादों के माध्यम से रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं। भाजयुमो के क्षेत्र मंत्री गौरव रजावत ने गौसेवा के व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि घर में गाय की उपस्थिति सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है, जिससे मानसिक शांति और पारिवारिक सुख-समृद्धि बढ़ती है।