कहानी शिक्षण की महत्वपूर्ण विधा - अनिरुद्ध यादव
आगरा:-राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ के तत्वाधान में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान आगरा में आज प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों हेतु का नवम कहानी सुनाने की प्रतियोगिता 2025-26 का आयोजन कंपोजिट विद्यालय डायट परिसर में किया गया। प्रतियोगिता में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर के गूगल फॉर्म द्वारा अपनी प्रविष्टि देने वाले 40 शिक्षकों के सापेक्ष 23 शिक्षकों ने प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डायट आगरा अनिरुद्ध यादव द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया । इस अवसर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि कहानी शिक्षण की एक महत्वपूर्ण विधा है इसके द्वारा बच्चों में कल्पनाशीलता, रोचकता तथा तथ्यों के प्रति जागरूकता जागृत होती है। अतः हमें प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक स्तर पर इसका बेहतर रूप से उपयोग करने की आवश्यकता है। आज आयोजित प्रतियोगिता में प्राथमिक स्तर पर प्राथमिक विद्यालय धाराजीत अछनेरा की शिक्षिका चारु कुलश्रेष्ठ ने प्रथम, प्राथमिक विद्यालय गढी ताल की शिक्षिका कल्पना छोकर तथा प्राथमिक विद्यालय नगला हंसराज की प्रीति यादव ने द्वितीय एवं प्राथमिक विद्यालय करीमपुरा की शिक्षिका कंचनलता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उच्च प्राथमिक स्तर पर उच्च प्राथमिक विद्यालय कांकरपुरा शमशाबाद की शिक्षिका सुचिता सक्सेना ने प्रथम, नगला पाटम शमशाबाद की शिक्षिका उषा कुमारी ने द्वितीय तथा कंपोजिट विद्यालय मीरपुर के शिक्षक प्रेम नारायण शर्मा एवं जगनेर की शिक्षिका रागिनी राजपूत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। निर्णायक मंडल की भूमिका का निर्वहन राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज मिढ़ाकुर के प्रवक्ता सुखबीर सिंह, राजकीय शिशु प्रशिक्षण महाविद्यालय के प्रवक्ता सनत कुमार आर्य एवं मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र के प्रवक्ता डॉ. साहब सिंह ने किया। प्रतियोगिता प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि जनपद स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दोनों शिक्षकों को राज्य स्तर पर आगरा का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त होगा। कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय ने किया। कार्यक्रम में प्रवक्ता यशवीर सिंह, हिमांशु सिंह, यशपाल सिंह, कल्पना सिन्हा, डॉ. प्रज्ञा शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, रचना यादव, संजीव कुमार सत्यार्थी, अबु मुहम्मद आसिफ, रंजना पांडे, धर्मेन्द्र प्रसाद गौतम, पुष्पेन्द्र सिंह, डॉ दिलीप कुमार गुप्ता आदि का सहयोग रहा।