आगरा में एलपीजी संकट: मिठाइयों की मिठास छंटने लगी, दुकानें बंद होने की कगार पर
आगरा में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की किल्लत ने हलवाई और फास्ट फूड कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। सिलेंडर समय पर नहीं मिलने और बाजार में भारी कालाबाजारी के कारण दुकानदारों ने अपने फूड मेन्यू में कटौती करना शुरू कर दिया है।
शहर के प्रतिष्ठित मिठाई केंद्रों जैसे देवी राम, भगत हलवाई और बृज रसनायम के संचालकों ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा कि गैस की कमी के कारण उत्पादन प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित हुई है। बृज रसनायम के मालिक उमेश ने बताया, "गैस न मिलने से हम उतना सामान नहीं बना पा रहे जितनी मांग है। समझ नहीं आ रहा कि कारोबार आगे कैसे बढ़ेगा।"
दाउजी मिष्ठान भंडार के मालिक जय अग्रवाल ने चेतावनी दी है कि यदि स्थिति यही रही, तो अगले एक-दो दिन में दुकान बंद करने की नौबत आ जाएगी। विकल्प के तौर पर कई दुकानदार इलेक्ट्रिक चूल्हों का सहारा ले रहे हैं, लेकिन हलवाइयों का कहना है कि भारी कड़ाही और विशिष्ट मिठाइयों के लिए गैस की आंच अनिवार्य है।
कारोबारियों ने प्रशासन के सामने कालाबाजारी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया है। उनका आरोप है कि जो कमर्शियल सिलेंडर सामान्यतः ₹1800 के आसपास मिलता है, उसे अब ₹3000 तक में बेचा जा रहा है। भारी कीमत चुकाने के बाद भी सिलेंडर के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है।