फतेहपुर सीकरी में गहराता भूजल संकट और प्रदूषण: एक गंभीर समस्या - समाचार RIGHT

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शनिवार, 28 मार्च 2026

फतेहपुर सीकरी में गहराता भूजल संकट और प्रदूषण: एक गंभीर समस्या

फतेहपुर सीकरी में गहराता भूजल संकट और प्रदूषण: एक गंभीर समस्या

आगरा:-फतेहपुर सीकरी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल प्रदूषण का स्तर चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है। क्षेत्र का भूजल न केवल नीचे जा रहा है, बल्कि अत्यधिक खारेपन और फ्लोराइड के खतरनाक स्तर से भी दूषित हो चुका है। भारत सरकार की ओर से जल स्तर की गिरावट रोकने के लिये अनेक गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद जलस्तर और उसकी गुणवत्ता में गिरावट आना जारी है।

उत्तर प्रदेश ग्रामीण मजदूर संगठन ने इस मुद्दे पर चिंता जताई है और सिंचाई विभाग से तेरहमोरी बांध के गेटों की मरम्मत करवाने की मांग की है। बांध के गेट टूटे होने के कारण मानसून काल में पहुंचने वाला पानी नहीं रुकता, जिससे भूजल स्वत: रिचार्ज नहीं हो पाता।

संगठन के नेता तुलाराम शर्मा ने बताया कि फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में श्रमिकों की स्थिति भी चिंताजनक है। पत्थर खदानों और चक्की के पाट बनाये जाने का कार्य बंद होने से श्रमिकों को रोजगार नहीं मिल रहा है। उन्होंने श्रम विभाग से श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण का शिविर लगवाने और फतेहपुर सीकरी को पंचगाई पट्टी बनने से रोकने की मांग की है।

वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) की समस्या

फतेहपुर सीकरी क्षेत्र न्यून गुणवत्ता वाले पानी की समस्या से तो जूझ ही रहा है, साथ ही वायु प्रदूषण के कारण भी जन स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना कर रहा है। साल के मानसून कालीन महीनों के अतिरिक्त अन्य महीनों में वायु प्रदूषण की भरपूरिता युक्त रहती है। राजस्थान की ओर से आने वाली हवाओं में पार्टिकुलेट मैटर (PM) की भरपूरिता जन स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है।

सिंचाई विभाग से अपेक्षा

उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के सिंचाई कार्य मंडल-III, आगरा के तहत अधिशासी अभियंता लोअर खंड आगरा के प्रशासन में फतेहपुर सीकरी विकास खंड क्षेत्र आता है, लेकिन इसकी तेरहमोरी बांध और खारी नदी जैसी जल नियंत्रण एवं जल प्रवाह जैसी योजनाएं उपेक्षित कर रखी गयी हैं।

ग्राउंड वाटर बोर्ड की रिपोर्ट

Central Ground Water Board (CGWB), under the Ministry of Jal Shakti, की ‘AQUIFER MAPPING AND MANAGEMENT PLAN AGRA DISTRICT, U.P.’’ (Category Aquifer Mapping ), Authors: Sujatro Ray Chowdhuri, Ajai Vir Singh रिपोर्ट है। अगर इसके अनुसार ही कार्य योजना बनाकर 'एक्यूफर रिचार्ज' (Aquifer Recharge) कर क्षेत्र का परिदृश्य बदला जा सकता है।

पंचगाई पट्टी बनने से रोके

वर्तमान में फतेहपुर सीकरी विकास खंड के तमाम गांवों में जनपद के सबसे अधिक समस्या ग्रस्त रहे सदर तहसील के गांव ‘पचगईं पट्टी’ जैसी स्थिति बनती जा रही है। जहां कि निम्न गुणवत्ता वाले पानी का उपयोग करने भर से गांव शारीरिक विकलांगता से अभिशप्त हो गया।

उत्तर प्रदेश ग्रामीण मजदूर संगठन की पहल

श्रमिक नेता तुलाराम शर्मा ने बताया कि उप्र ग्रामीण मजदूर संगठन के नेता के रूप में वह श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पर्यावरण विभाग सहित कई अन्य विभागों को पत्र लिख कर चिंता जता चुके हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में श्रमिका मुख्य रूप से पत्थर खदानों और चक्की के पाट बनाये जाने का कार्य करते थे, लेकिन अब ये दोनो ही कार्य दस साल से बंद हैं। कोई वैकल्पिक श्रम सेवा अवसर क्षेत्र में संभव नहीं हो सका है, इस लिये श्रमिकों को भरतपुर या आगरा जाकर काम ढूंढना पड़ता है।

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