आगरा नगर निगम: मेयर और अधिकारियों में आर-पार, आज होने वाली सदन की बैठक पर संशय
आगरा। ताजनगरी के नगर निगम में मेयर और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह द्वारा सोमवार (23 मार्च) सुबह 11 बजे बुलाई गई सदन की बैठक को लेकर गतिरोध पैदा हो गया है। आलम यह है कि निगम सचिवालय ने बैठक का एजेंडा तक जारी नहीं किया और न ही पार्षदों को इसकी सूचना भेजी गई।
टकराव की मुख्य वजह मेयर कार्यालय ने 23 मार्च को सामान्य सदन की बैठक आहूत करने के निर्देश दिए थे। इसके उलट, निगम प्रशासन बैठक टालने के पक्ष में है। अधिकारियों का तर्क है कि वर्तमान में संसद का बजट सत्र (9 मार्च से 2 अप्रैल) चल रहा है। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि जब लोकसभा या विधानसभा की कार्यवाही चल रही हो, तो ऐसी बैठकें न बुलाई जाएं जिनमें सांसद या विधायक सदस्य के रूप में नामित हों।
निगम प्रशासन ने बैठक को लेकर अपनी असमर्थता के पीछे निम्नलिखित कारण गिनाए हैं:
- शासनादेश का हवाला: नियमतः जनप्रतिनिधियों की व्यस्तता के कारण सदन की बैठक टालने का सुझाव दिया गया है।
- बजट सत्र की प्राथमिकता: अधिकारियों का कहना है कि सामान्य सदन के बजाय 'बजट सदन' बुलाना अधिक तर्कसंगत होगा, ताकि वित्तीय वर्ष 2025-26 समाप्त होने से पहले बजट पास कराया जा सके।
- वीआईपी बैठक का टकराव: आज (23 मार्च) ही आगरा में उत्तर प्रदेश विधानमंडल की 'सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति' की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है।
देर रात तक नहीं बनी बात