आगरा जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई सम्पन्न।
पार्षद व ग्राम प्रधान के प्रस्ताव पर नोटिस देकर हटाई जायेंगी अक्रियाशील आशा, जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा भी कार्य न करने वाली आशाओं से मांगा जायेगा स्पष्टीकरण।
दो हफ्ते से ज्यादा खांसी हो तो तुरंत कराएं जांच, सरकार देगी इलाज और पोषण के लिए पैसे-जिलाधिकारी।
टीबी मरीजों को अब पोषण के लिए मिलेंगे रू0 1000 प्रति माह, बांटी गई पोषण पोटली।
आगरा:- जिलाधिकारी आरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न हुई।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा सर्वप्रथम जनपद में आभा आईडी की रिपोर्ट तलब की गई, जिसमें बताया गया कि 20 फरवरी 2026 से 23 मार्च 2026 तक एक नागरिक, एक स्वास्थ्य पहचान आभा अभियान चलाया गया,जिसमें शहरी क्षेत्र में नरीपुरा,विभव नगर, नाई की सराय, लोहा मण्डी द्वितीय, मण्टोला, यमुनापार, हरीपर्वत ईस्ट का खराब प्रदर्शन पाये जाने पर जिलाधिकारी महोदय ने सभी प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाई तथा तीन दिन में सुधार न होने पर सख्त कार्यवाही करने के कड़े निर्देश दिए। जिलाधिकारी महोदय ने जनपद की आभा आईडी जनरेशन की रिपोर्ट तलब करते हुए पाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी लक्ष्य के सापेक्ष आभा आईडी का निर्माण नहीं किया गया है, जिलाधिकारी ने दस्तक अभियान में आशाओं के माध्यम से डाटा जुटाकर तथा 01 अप्रैल से विशेष अभियान चलाकर सभी परिवारों की ई-कवच के माध्यम से आभा आईडी निर्माण के कड़े निर्देश दिए। मुख्य चिकित्साधिकारी ने सभी प्रभारियों को सुधार न होने पर एसीआर/चरित्र पंजिका में आभा आईडी के प्रदर्शन की टिप्पड़ी लिखने की चेतावनी दी। कुछ प्रभारियों द्वारा आशा कार्यकत्रियों के क्रियाशील न रहने, कार्य न करने की बात कही, जिलाधिकारी महोदय ने सभी प्रभारियों को पार्षद व ग्राम प्रधानों से इस आशय का प्रस्ताव लिखवाने तथा सभी आशाओं को स्पष्टीकरण नोटिस देने के निर्देश दिए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि आशाओं के स्पष्टीकरण आ जाने पर तत्काल अक्रियाशील आशाओं को हटाये जाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी महोदय ने जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा भी कार्य न करने वाली चिन्हित अक्रियाशील आशाओं को नोटिस देकर हटाये जाने की कार्यवाही किए जाने हेतु निर्देशित किया।
बैठक में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा की गई, जिसमें बताया गया कि प्रधानमंत्री टीबी मुक्त पंचायत अभियान संचालित किया जा रहा है, ऐसे व्यक्ति जिन्हें दो सप्ताह या उससे अधिक की खांसी है, उसे टीबी हो सकती है, ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर सम्पर्क करने तथा निक्षय पोषण योजना के अन्तर्गत समस्त चिन्हित एवं उपचारित क्षय रोगियों को न्यूट्रिशीयन हेतु रू0 एक हजार प्रतिमाह डीबीटी के माध्यम से स्थानान्तरित किया जाता है। बैठक में टीवी मुक्त अभियान के अंतर्गत टीबी मरीजों को पोषण पोटली का वितरण किया गया, जो टीवी मरीजों को दवा के सेवन के साथ-साथ खाने से शरीर की रोग की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है।
बैठक में टीकाकरण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी महोदय ने निर्देशित किया कि जिन ब्लॉक और अर्बन यूनिट में टीकाकरण की प्रगति धीमी है वहाँ के चिकित्सा अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्सा अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाये, घर-घर जाकर अभियान चलाकर, बच्चों का टीकाकरण कराये जाने के निर्देश दिए।
बैठक में आयुष्मान कार्ड की समीक्षा की गई जिसमें बताया गया कि जनपद में कुल 70 वर्ष व 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के सत्यापित कुल 62798 आयुष्मान कार्ड बनाये गये हैं, जिलाधिकारी महोदय ने निर्देशित किया कि निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष सत प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित करें।
बैठक में मातृ मृत्यु की समीक्षा में बताया गया कि माह फरवरी में 02 मृत्यु दर्ज की गई है, जिलाधिकारी ने संबंधित कारणों की केस स्टडी व जांच करने तथा नियमित टीकाकरण का शतप्रतिशत लक्ष्य हासिल करने को निर्देशित किया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अरुण कुमार श्रीवास्तव,अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता, डॉ.अमित रावत, डॉ.प्रमोद कुमार, उपमुख्यचिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति तथा सभी ब्लॉकों के चिकित्सा अधीक्षक एवं शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी,यूनिसेफ़, डब्लूएचओ, सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण आदि मौजूद रहे।