आगरा:साक्ष्य के अभाव में पति की हत्या की आरोपी पत्नी और जीजा बरी
आगरा। वेलेंटाइन-डे पर पति की गला घोंटकर हत्या करने के सनसनीखेज मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। साक्ष्य के अभाव में एडीजे 25 मदन मोहन की अदालत ने आरोपी पत्नी अंजलि और उसके कथित प्रेमी (जीजा) पप्पी को दोषमुक्त करते हुए बरी कर दिया है। अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा।
क्या था मामला?
थाना ताजगंज क्षेत्र के निवासी लाखन सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका भाई हुब्ब लाल राजमिस्त्री का काम करता था। आरोप था कि हुब्ब लाल की पत्नी अंजलि के अपने जीजा पप्पी और अन्य लोगों के साथ अवैध संबंध थे। 14 फरवरी 2025 को जब हुब्ब लाल ने इन संबंधों का विरोध किया, तो अंजलि, पप्पी और अन्य सहयोगियों ने मिलकर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। वादी ने यह भी दावा किया था कि अंजलि कई मोबाइल और सिम कार्ड्स का इस्तेमाल कर बाहरी लोगों से संपर्क में रहती थी।
अदालत में क्यों कमजोर पड़ा केस?
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता विराट कृष्ण सक्सेना ने प्रभावी दलीलें पेश कीं। कोर्ट के समक्ष मामले से जुड़े कुल छह गवाहों की गवाही हुई, लेकिन उनके बयानों में गंभीर विरोधाभास (Contradictions) सामने आए।
बरी करने के मुख्य आधार:
साक्ष्यों की कमी: पुलिस और वादी पक्ष हत्या से जुड़े पुख्ता भौतिक साक्ष्य पेश नहीं कर सके।
गवाहों के बयान: मुख्य गवाहों के बयानों में तालमेल की कमी के कारण अभियोजन की कहानी कमजोर साबित हुई।
संदेह का लाभ: अदालत ने माना कि केवल आरोपों के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता जब तक कि जुर्म 'संदेह से परे' सिद्ध न हो।